Мардему ёри ҳеҷ аноят наме кунад

مردیم و یار هیچ عنایت نمی‌کند

Воҳсрто ки бахт аноят наме кунад

واحسرتا که بخت عنایت نمی‌کند

Дар пеши чашм ӯ лаб ӯ мекашад маро

در پیش چشم او لب او می‌کُشد مرا

Ваон шӯхи чашми байн ки ҳимоят наме кунад

وان شوخ‌چشم بین که حمایت نمی‌کند

Чандон ки аҷзи ҳол бар ӯ арза ме кунам

چندان که عجز حال بر او عرضه می‌کنم

Дар вай ба ҳеҷ навъ сироят наме кунад

در وی به هیچ نوع سرایت نمی‌کند

Пеш касе зи шукру шикоят чаҳ дами занам

پیش کسی ز شکر و شکایت چه دم زنم

Ки андешае зи шукр ва шикоят наме кунад

که‌اندیشه‌ای ز شکر و شکایت نمی‌کند

Дар ҳақи бандагони назари лутфи гоҳи гоҳ

در حق بندگان نظر لطف گاه‌گاه

Ҳам мекунад валек ба ғоят наме кунад

هم می‌کند ولیک به غایت نمی‌کند

То гуфтаам даҳон ту ҳеҷаст аз он замон

تا گفته‌ام دهان تو هیچست از آن زمان

Бо мо зи хашми ҳеҷ ҳикоят наме кунад

با ما ز خشم هیچ حکایت نمی‌کند

Булбули сифати убайд ба ҳарҷо ки ме расад

بلبل‌صفت عبید به هرجا که می‌رسد

Ғайр аз ҳадиси ишқ ривоят наме кунад

غیر از حدیث عشق روایت نمی‌کند