зи кӯии ёри замонӣ карона натавон кард

ز کوی یار زمانی کرانه نتوان کرد

Ҷузи остона ӯ ошиёна натавон кард

جز آستانهٔ او آشیانه نتوان کرد

Касе ки каъба ҷон дид бегумон донад

کسی که کعبهٔ جان دید بی‌گمان داند

Ки саҷдаи гоҳи ҷузи он остона натавон кард

که سجده‌گاه جز آن آستانه نتوان کرد

Маро ба ишваи фардо дар интизори макаш

مرا به عشوهٔ فردا در انتظار مکش

Ки эътимоди басӣ бар замона натавон кард

که اعتماد بسی بر زمانه نتوان کرد

Туро ки гуфт ки бо куштагони роҳи ғамат

ترا که گفت که با کشتگان راه غمت

Ишоратӣ ба сар тозӣона натавон кард

اشارتی به سر تازیانه نتوان کرد

Ба пеши зулфи ту бар хол бӯса хоҳам зад

به پیش زلف تو بر خال بوسه خواهم زد

зи тарси доми сияҳи тарк дона натавон кард

ز ترس دام سیه ترک دانه نتوان کرد

Фусурдаи сӯфии моро ки мебарад пайғом

فسرده صوفی ما را که میبرد پیغام

Ки тарки шоҳиду чанг ва чғонаҳ натавон кард

که ترک شاهد و چنگ و چغانه نتوان کرد

Маро ба маҷлис воъиз махону панди мада

مرا به مجلس واعظ مخوان و پند مده

Фиреби ман ба фусун ва фасона натавон кард

فریب من به فسون و فسانه نتوان کرد

Бихоҳ бода ва бо ёри азм саҳро кун

بخواه باده و با یار عزم صحرا کن

Чу гул ба боғ равад рӯ ба хона натавон кард

چو گل به باغ رود رو به خانه نتوان کرد

Макун убайди зи мастии каронаи фасли баҳор

مکن عبید ز مستی کرانه فصل بهار

Ки айши хуш ба чаман бечамона натавон кард

که عیش خوش به چمن بی‌چمانه نتوان کرد