Омад ошуфта бихобам шабии он мояи ноз

آمد آشفته به خوابم شبی آن مایه ناز

Бираваш меҳри Фзоўи бангаи сабри гудоз

به روش مهر فزا و به نگه صبر گداز

Ваа чаҳ шаб , серумаи оҳӯии ғизолони хутан

وه چه شب، سرمه آهوی غزالان ختن

Ваа чаҳ шаб , васмаи абрӯии арӯсони тароз

وه چه شب، وسمه ابروی عروسان طراز

Хоби не зовия дод дар ӯ волии ҳасан

خواب نی زاویه داد در او والی حسن

Хоби неи оинаи сӯрат ӯ маънии ноз

خواب نی آینه صورت او معنی ناز

Чаҳ причҳраҳи нигорӣ ки надорад мислаш

چه پریچهره نگاری که ندارد مثلش

Дар пас пардаи фитрати фалаки лаъибати боз

در پس پرده فطرت فلک لعبت باز

Хобро шаби ҳамаи шаби дидаи бпоиии судам

خواب را شب همه شب دیده به پایی سودم

Ки биравем дарини воқеаро сохтаи боз

که به رویم درِ این واقعه را ساخته باز

Дидам алқсаҳ ки хуши гарм Аннанаст равон

دیدم القصه که خوش گرم عنان است روان

Судами андари қадамаши чеҳраи бсди аҷзу ниёз

سودم اندر قدمش چهره به صد عجز و نیاز

Гуфтам эй арбада ҷӯ чист гуноҳам ки дигар

گفتم ای عربده جو چیست گناهم که دگر

Бтързи ҳамаи хашмӣ , бтғоФли ҳамаи ноз

به تعرض همه خشمی، به تغافل همه ناز

Гуфт ин худ на гуноҳаст ки сокит шуда Эй

گفت این خود نه گناهست که ساکت شده‌ای

Аз санои густарии шоҳи сарири эъҷоз

از ثنا گستری شاه سریر اعجاز

Мунфаили гаштаму фии улҳоли бўодии мдиҳ

منفعل گشتم و فی الحال به وادی مدیح

Мураккаби табъи ҷҳондми бҳўои так ва тоз

مرکب طبع جَهاندم به هوای تک و تاز

Раҳи набардами басари кишвари маънӣ ҳар чанд

ره نبردم به سر کشور معنی هرچند

Ки дарон бодия ронадам ба нишебу бФроз

که در آن بادیه راندم به نشیب و به فراز

Гиря олуд фитодам дигар андари қадамаш

گریه آلود فتادم دگر اندر قدمش

Гуфтам эй мояи ороми дили аҳли ниёз

گفتم ای مایه آرام دل اهل نیاز

Азҷбин чин бигушо то дили ман ҷамъ шавад

از جبین چین بگشا تا دل من جمع شود

Ки саросема кунад мурғи хаёлами парвоз

که سراسیمه کند مرغ خیالم پرواز

Ин сухан дар дилаш аз дард асар карду серум

این سخن در دلش از درد اثر کرد و سرم

Барграфт аз қадами хеш ва блтФ омад боз

برگرفت از قدم خویش و به لطف آمد باز

Беҳиҷобона задам бӯсаи бадасташ аз шавқ

بی حجابانه زدم بوسه به دستش از شوق

Гуфтам акнӯн даҳ иҷозат ки шавам ваҳии тароз

گفتم اکنون ده اجازت که شوم وحی طراز

Дрснои шаҳи кунин эмоми сиқлин

در ثنای شه کونین امام ثقلین

Ки буд лмъаҳи барқи ғазабаши куфри гудоз

که بود لمعه برق غضبش کفر گداز

Онкии гроФъӣ рмҳш равад андари таҳи хок

آنکه گر افعی رمحش رود اندر ته خاک

Дили Маҳмӯд бурун оварад аз зулфи Аёз

دل محمود برون آورد از زلف ایاز

Онкигар Рахши броФлок ҷаҳонад гардад

آنکه گر رخش بر افلاک جهاند گردد

Пушти шери фалак аз нақши самаши синаи боз

پشت شیر فلک از نقش سمش سینه باز

Онкӣ чун дркнФи чатри ҳумоюни осор

آنکه چون در کنف چتر همایون آثار

ҲамАннани зафар аз роҳ ғзо гардад боз

همعنان ظفر از راه غزا گردد باز

Зуҳра гесу бигушоед ки шавад грдФшон

زهره گیسو بگشاید که شود گردفشان

Аз рикобаш ки пазируфтаи ғубор аз так ва тоз

از رکابش که پذیرفته غبار از تک و تاز

Фатҳ гуяд чаҳ кунӣ чашм манаст ин на рикоб

فتح گوید چه کنی چشم من است این نه رکاب

Серумаи чашми ҷаҳони байни марои поки мсоз

سرمه چشم جهان بین مرا پاک مساز

Аршро гуфт фалаки маснади ҷоҳи вайу ақл

عرش را گفت فلک مسند جاه وی و عقل

Гуфт ҳайҳот яқин шуд ки нае муҳаррами роз

گفت هیهات یقین شد که نه‌ای محرم راز

Маснади ҷоҳи ваии ороиш он боргаҳаст

مسند جاه وی آرایش آن بارگهست

Ки бисоташи барӣ аз нанг нишебасту фароз

که بساطش بری از ننگ نشیب است و فراز

Шуълаи хотир ӯро чаҳ шарари чашмаи меҳр

شعله خاطر او را چه شرر چشمه مهر

Гиряи хома ӯро чаҳ асари хандаи роз

گریه خامه او را چه اثر خنده راز

Дар ҷавори ҳарамаши арши мушаррафи бсҷўд

در جوار حرمش عرش مشرف به سجود

Дар диёри карамаши ҷӯади муваззафи бнёз

در دیار کرمش جود موظف به نیاز

Аикаҳ аз нашъаи афсонаи адл ту бихоб

ایکه از نشئه افسانه عدل تو به خواب

Фитна чун зулф длором кашад пои дароз

فتنه چون زلف دلارام کشد پای دراز

Зоҳтсоби ту пай духтани далқи вараъ

زاحتساب تو پی دوختن دلق ورع

Зуҳра дар сӯзан исо кашад абрешими соз

زهره در سوزن عیسی کشد ابریشم ساز

Тобдор низ рояти зи замини мурғон ро

تابدار نیز رایت ز زمین مرغان را

Сояи брҷбҳаҳ хуршед фитад дар парвоз

سایه بر جبهه خورشید فتد در پرواز

Эҳтисоби ту агар ориз наҳй афрӯзад

احتساب تو اگر عارض نهی افروزد

эй сарои пардаи исмати зи ту бозинату соз

ای سراپرده عصمت ز تو با زینت و ساز

Захма ҳар чанд ки ангушт занад бар лаби тор

زخمه هرچند که انگشت زند بر لب تار

Нағма аз бим наёрад ки براردи овоз

نغمه از بیم نیارد که برآرد آواز

Ақли кули нисбати ҳикмат бқзо кард ва кунун

عقل کل نسبت حکمت به قضا کرد و کنون

Равад андеша ки ногуҳи шмрндши танноз

رود اندیشه که ناگه شمرندش طناز

Ҳар ҳадисӣ ки ризоят бсмоъш набӯд

هر حدیثی که رضایت به سماعش نبود

Аз дар гӯши саросема блб гардад боз

از در گوش سراسیمه به لب گردد باز

Нири рои ту чун арз кунад лмъаҳи нур

نیر رای تو چون عرض کند لمعه نور

Хайри ҷӯади ту чун бахш кунад неъмату ноз

خیر جود تو چون بخش کند نعمت و ناز

Чаҳ кунад гар накунад меҳри ниҳони рухи бксўФ

چه کند گر نکند مهر نهان رخ به کسوف

Чаҳ кунад гар накунад ҳур дар равзаи фароз

چه کند گر نکند حور در روضه فراز

Чун барафрошт қазои рояти адли ту збим

چون برافراشت قضا رایت عدل تو ز بیم

Фитна бартофт Аннан то баъдам гардад боз

فتنه برتافت عنان تا به عدم گردد باز

Осмони бонг бар Иваэад ки куҷо хоҳӣ рафт

آسمان بانگ بر او زد که کجا خواهی رفت

Нақди ҷони баркафи таслим нау ҳарзаи мтоз

نقد جان بر کف تسلیم نه و هرزه متاز

Доўрои табъи ман он равза файзаст ки ҳаст

داورا طبع من آن روضه فیض است که هست

Шаҷар ӯ ҳамаи саҳару самар ӯ эъҷоз

شجر او همه سحر و ثمر او اعجاز

Нома ам дода нишон аз чамани гулшани ваҳй

نامه‌ام داده نشان از چمن گلشن وحی

Хома ам карда забон дар даҳани шоҳиди роз

خامه‌ام کرده زبان در دهن شاهد راز

Ҷавҳари табъи ман аз васфи камолати равшан

جوهر طبع من از وصف کمالت روشن

Гавҳари назми ман аз нисбати зотати мумтоз

گوهر نظم من از نسبت ذاتت ممتاز

Хасму тарзи сухани ман ? бачаи фаҳму бачаи дарак

خصم و طرز سخن من؟ به چه فهم و به چه درک

Ғайру назми гуҳари ман ? бачаи баргу бачаи соз

غیر و نظم گهر من؟به چه برگ و به چه ساز

Маънӣ аз хомаи ман гоҳи равиши миборд

معنی از خامه من گاه روش میبارد

Чун зи рафтор батон фитнаи гуҳи ҷилвау ноз

چون ز رفتار بتان فتنه‌گه جلوه و ناز

Нав арӯсӣ набӯд дрттқи фикрати ман

نو عروسی نبود در تتق فکرت من

Ки на аз зевари мадҳи ту буд чеҳраи тароз

که نه از زیور مدح تو بود چهره طراز

Эътибори садаф аз нисбат дараст вале

اعتبار صدف از نسبت دُر است ولی

Анварии гурз « абивард » манам аз Широз

انوری گرز «ابیورد» منم از شیراز

Кунам аз моидаи мънўиши меҳмонӣ

کنم از مائده معنویش مهمانی

Аз рқӣ грбср хон вуҷӯд ояд боз

از رقی گر بهسر خوان وجود آید باز

Урфии ин тарзи сухани ҳад ту набӯд лекин

عرفی این طرز سخن حد تو نبود لیکن

Мадҳати шоҳи забони ту чунин кард дароз

مدحت شاه زبان تو چنین کرد دراز😴

Ногуҳии рӯи бФрози орад ва гоҳе бншиб

ناگهی رو بفراز آرد و گاهی بنشیب

Баҳри эҳдоси ҳаводиси фалаки доираи соз

بهر احداث حوادث فلک دایره ساز

Пайкари хасми турои хоки баради србншиб

پیکر خصم ترا خاک برد سر به نشیب

Душмани ҷоҳи туро дор кунад рӯи бФроз

دشمن جاه ترا دار کند رو به فراز