Иқбол карам мегазад арбоби ҳамм ро
اقبال کرم می گزد ارباب همم را
Ҳиммат нахурд нештар лоу нъм ро
همت نخورد نیشتر لا و نعم را
Аз рағбати дунё , ?илам ошӯб нигарадам
از رغبت دنیا ، الم آشوب نگردم
Зини бод парешон накунам зулфи илм ро
زین باد پریشان نکنم زلف علم را
Фақрам бсёст кашад аз маснади ҳиммат
فقرم بسیاست کشد از مسند همت
Дар чашми вуҷӯд ар надаҳум ҷои адам ро
در چشم وجود ار ندهم جای عدم را
Бе баррагии ман доғ наад бар дили сомон
بی برگی من داغ نهد بر دل سامان
Бимҳрии ман зард кунад рӯй дирам ро
بیمهری من زرد کند روی درم را
Ин ҷавҳари зот аз шараф нисбат обост
این جوهر ذات از شرف نسبت آباست
Савдост бобири ин дар агар чаҳ сарем ро
سوداست بابر این در اگر چه سریم را
Ҳарчанд ки дар кашмакаши ҷоҳу маносиб
هرچند که در کشمکش جاه و مناصب
Гумном намуданд ҳамаи дӯдаи ҳам ро
گمنام نمودند همه دوده هم را
Аз нақш ванигор дару девори шикаста
از نقش و نگار در و دیوار شکسته
Осор падедаст сно дид аҷам ро
آثار پدید است صنا دید عجم را
Бо гавҳари одами насабами боз на астад
با گوهر آدم نسبم باز نه استد
зи обои худори бшмрми асҳоби карам ро
ز آبای خودار بشمرم اصحاب کرم را
Аммо набӯд васфи изофии ҳунари зот
اما نبود وصف اضافی هنر ذات
Ин фатвои ҳиммат буд арбоби ҳамм ро
این فتوی همت بود ارباب همم را
Ин барқи ниҷобат ки ҷаҳд аз гуҳари ман
این برق نجابت که جهد از گهر من
Мадҳаст вале гавҳари зоти аби въм ро
مدح است ولی گوهر ذات اب وعم را
Васфи гулу райҳони бҳўо боз нагардад
وصف گل و ریحان بهوا باز نگردد
Ҳарчанд ҳаво атр диҳад қӯти шам ро
هرچند هوا عطر دهد قوت شم را
Алмнтаҳи аллоҳ ки ниёзам ба насаб нест
المنته الله که نیازم به نسب نیست
Инак бшҳодти талабами лавҳу қалам ро
اینک بشهادت طلبم لوح و قلم را
Иқболи Сикандари бҷҳонгирии назмам
اقبال سکندر بجهانگیری نظمم
Бардошти бики дасти қаламроу илм ро
برداشت بیک دست قلم را و علم را
Навбат бмн афтод бигӯед ки даврон
نوبت بمن افتاد بگویید که دوران
Ороишӣ аз нави бикунади маснади ҷам ро
آرایشی از نو بکند مسند جم را
Неи неи ғалати ин нағмаи бмўқъ насурудам
نی نی غلط این نغمه بموقع نسرودم
Ин нағма ншидаст дигар савт ва нағам ро
این نغمه نشید است دگر صوت و نغم را
Даврон ки буд токанд ороиши маснад
دوران که بود تاکند آرایش مسند
Маддоҳи шаҳаншоҳи араброу аҷам ро
مداح شهنشاه عرب را و عجم را
Ороиши айвони набувват ки зи таълим
آرایش ایوان نبوت که ز تعلیم
Хок дар аўтоҷ шараф дод қисм ро
خاک در اوتاج شرف داد قسم را
Рӯзӣ ки шимурданд ъдилши змҳолот
روزی که شمردند عدیلش زمحالات
Таърих таваллуд бинвиштанд адам ро
تاریخ تولد بنوشتند عدم را
Онҷо ки сабк рӯҳяш ояд бтклм
آنجا که سبک روحیش آید بتکلم
зи осеби гаронии бихаради гӯши асм ро
ز آسیب گرانی بخرد گوش اصم را
То рояти афву ғазабаши сояи ниФкнд
تا رایت عفو و غضبش سایه نیفکند
Ҳайбат мутасаввир нашуд оромишу Ром ро
هیبت متصور نشد آرامش و رم را
То шоҳиди илму амалаши чеҳраи ниФрўхт
تا شاهد علم و عملش چهره نیفروخت
Маълум нашуд фоидаи неи Киев ва на кам ро
معلوم نشد فایده نی کیف و نه کم را
Таъсири баради саҳми ту аз ҳукми кавокиб
تأثیر برد سهم تو از حکم کواکب
Тағйир диҳад ҳайбати ту таъми нъм ро
تغییر دهد هیبت تو طعم نعم را
Анъоми ту бар дӯхтаи чашму даҳани оз
انعام تو بر دوخته چشم و دهن آز
Эҳсон ту бшикофта ҳар қатра ӣам ро
احسان تو بشکافته هر قطره یم را
Зон гиря диҳад равшании дил ки биёмухт
زان گریه دهد روشنی دل که بیاموخت
Равшангарии ойинаи инсофи тунам ро
روشنگری آئینه انصاف تونم را
Дар кӯии ту табдил кунад мардумаки чашм
در کوی تو تبدیل کند مردمک چشم
Аҷзои вуҷӯдами худу аҷзои қадам ро
اجزای وجودم خود و اجزای قدم را
Аз баси шарафи гавҳари тўмншии тақдир
از بس شرف گوهر تومنشی تقدیر
Онрўз ки бгзоштии иқлӣми қадам ро
آنروز که بگذاشتی اقلیم قدم را
То ҳукми нузули ту дар ин дор навишта аст
تا حکم نزول تو در این دار نوشته است
Садраи бъбси бози тарошидаи қалам ро
صدره بعبث باز تراشیده قلم را
Гар ҷавҳар аввал баҳрем ту дар ояд
گر جوهر اول بحریم تو در آید
Тан дар надиҳади қомати таъзими ту хам ро
تن در ندهد قامت تعظیم تو خم را
Он рӯз ки имкони ҳашам ҳодиса орост
آن روز که امکان حشم حادثه آراست
Дар сояи инсоф ту мехост ҳашам ро
در سایه انصاف تو میخواست حشم را
То зоти турои асл муҳимот нахонанд
تا ذات ترا اصل مهمات نخوانند
Нишнид қазои тарҷумаи лафзи аҳам ро
نشنید قضا ترجمه لفظ اهم را
То маҷмаъи имкону вуҷубати ннўштнд
تا مجمع امکان و وجوبت ننوشتند
Маврид мтъин нашуд итлоқи аъам ро
مورد متعین نشد اطلاق اعم را
Тақдири бик ноқа нишонед ду маҳмил
تقدیر بیک ناقه نشانید دو محمل
Салмои ҳудуси туу Лайлои қадам ро
سلمای حدوث تو و لیلای قدم را
То номи турои афсар феҳрист накарданд
تا نام ترا افسر فهرست نکردند
Шероза маҷмӯъа набастанд карам ро
شیرازه مجموعه نبستند کرم را
Урфии мштоби ин раҳ неъматаст на саҳро
عرفی مشتاب این ره نعمت است نه صحرا
Оҳиста ки раҳи барадам теғаст қадам ро
آهسته که ره بردم تیغ است قدم را
Ҳушдор ки натавон бики оҳанг сурудан
هشدار که نتوان بیک آهنگ سرودن
Мадҳи шаҳи кунину мдиҳ кӣу ҷам ро
مدح شه کونین و مدیح کی و جم را
Шоистаи бадасти ор ки бенанд дар ин шаҳр
شایسته بدست آر که بینند در این شهر
Шойистагии ҷинс чаҳ бисёр ва чаҳ кам ро
شایستگی جنس چه بسیار و چه کم را
Гирам ки хирад ҳаср кунад мояи наъташ
گیرم که خرد حصر کند مایه نعتش
Он ҳавсилаи охири зкҷои нутқу рақам ро
آن حوصله آخر زکجا نطق و رقم را
Шояд бътоит ки аз он ком ки доне
شاید بعطایت که از آن کام که دانی
Навмеди мҳли урфии маҳрӯму дижам ро
نومید مهل عرفی محروم و دژم را
Аз боғ Наимаш бидиҳ анъому мёмиз
از باغ نعیمش بده انعام و میامیز
Бо матлаб ӯ матлаби асҳоби шикам ро
با مطلب او مطلب اصحاب شکم را
Осоиши ҳамсоягии ҳақ зтў хоҳад
آسایش همسایگی حق زتو خواهد
ӯ ҳема дӯзах накунад боғи Ирам ро
او هیمه دوزخ نکند باغ ارم را
Донам нарасад зарраи бхўршиди валикин
دانم نرسد ذره بخورشید ولیکن
Шавқ тайрон мекашад арбоби ҳамм ро
شوق طیران می کشد ارباب همم را
Ҳар чанд табиӣ буд ин мис ту бифармоӣ
هر چند طبیعی بود این مس تو بفرمای
То ҷилва диҳад файзи ту эксири карам ро
تا جلوه دهد فیض تو اکسیر کرم را
Ман ҳам бсўолии лаб хиҷлат бигушоем
من هم بسوالی لب خجلت بگشایم
эй оби ҳаёт аз лаби тўхзри нъм ро
ای آب حیات از لب توخضر نعم را
Ҳар гоҳ ки дар мадҳ билағзам ту бибахшоӣ
هر گاه که در مدح بلغزم تو ببخشای
Каз мадҳ надонам ман ҳайрат зада зм ро
کز مدح ندانم من حیرت زده ذم را
Таҳсили савобу шарафи нисбати наътат
تحصیل ثواب و شرف نسبت نعتت
Зини гӯнаи хаҷали сохтаи ҳисони аҷам ро
زین گونه خجل ساخته حسان عجم را
То наът ту омад змшити бнўштн
تا نعت تو آمد زمشیت بنوشتن
Боло нгрстн бишуд аз ёди қалам ро
بالا نگرستن بشد از یاد قلم را
Дониш накушояд ба сазои уқдаи наътат
دانش نگشاید به سزا عقده نعتت
Зин ҷост ки андеша нигун кард илм ро
زین جاست که اندیشه نگون کرد علم را
Мадҳи ту зохлос кунам ҳадя на аз илм
مدح تو زاخلاص کنم هدیه نه از علم
Аз бткдаҳ чун оварам оҳӯии ҳарам ро
از بتکده چون آورم آهوی حرم را