Аз дар дӯсти чгўими бача унвон рафтам
از در دوست چگویم بچه عنوان رفتم
Ҳамаи шавқ омада будам ҳама ҳурмон рафтам
همه شوق آمده بودم همه حرمان رفتم
Бас бдиўор задам сар , ки дар ин кӯчаи танг
بس بدیوار زدم سر،که در این کوچه تنگ
Омадами масту саросема ва ҳайрон рафтам
آمدم مست و سراسیمه و حیران رفتم
Рафтам аз кӯии ту лаби ташнаи бглгўни сиришк
رفتم از کوی تو لب تشنه بگلگون سرشک
Нек рафтам ки на афтон ва на хезон рафтам
نیک رفتم که نه افتان و نه خیزان رفتم
Дилу дайну хираду ҳушу забони бозами даҳ
دل و دین و خرد و هوش و زبان بازم ده
То бигӯям з дар дӯст басомон рафтам
تا بگویم ز در دوست بسامان رفتم
Омадами нағмаи гшо аз лаби умеди вази яъс
آمدم نغمه گشا از لب امید وز یأس
Дар рагу решаи дили дӯхта дандон рафтам
در رگ و ریشه دل دوخته دندان رفتم
Омадами субҳдам ва шом бирафтам , бишинав
آمدم صبحدم و شام برفتم ، بشنو
Ки чисони омадами ӣнҷо , бача унвон рафтам
که چسان آمدم اینجا ، بچه عنوان رفتم
Омадами субҳ чу булбули бчмн дар наврӯз
آمدم صبح چو بلبل بچمن در نوروز
Шом чун мотамӣ аз хок шаҳидон рафтам
شام چون ماتمی از خاک شهیدان رفتم
Дӯстони заҳри бгўӣид ки рафтам ноком
دوستان زهر بگوئید که رفتم ناکام
Душманон нӯш бихандед ки гирён рафтам
دشمنان نوش بخندید که گریان رفتم
Рафтаму сӯхтам аз доғи дили душману дӯст
رفتم و سوختم از داغ دل دشمن و دوست
Ки ҷигарсӯзтар аз ашк ятемон рафтам
که جگرسوز تر از اشک یتیمان رفتم
Манам онқтраҳ ки сад сина ва дил кардам доғ
منم آنقطره که صد سینه و دل کردم داغ
То зи нӯки мижаи ғлтидаҳ бдомон рафтам
تا ز نوک مژه غلطیده بدامان رفتم
Манам он Юсуфи бади рӯз ки норафтаи бмср
منم آن یوسف بد روز که نارفته بمصر
То буруни омадам аз чоҳ бзндон рафтам
تا برون آمدم از چاه بزندان رفتم
Манам он ғунчаи пажмурда ки аз боди хазон
منم آن غنچه پژمرده که از باد خزان
Ханда бар лаби гиреҳу сар бгрибон рафтам
خنده بر لب گره و سر بگریبان رفتم
Нури пешонии субҳи тарабам лек чаҳ суд
نور پیشانی صبح طربم لیک چه سود
Ки зи ғами тиратар аз шом ғарибон рафтам
که ز غم تیره تر از شام غریبان رفتم
Рафтам оҳиста вале соҳиб дил ме донад
رفتم آهسته ولی صاحب دل می داند
Ки дили ошӯбтар аз зулф арӯсон рафтам
که دل آشوب تر از زلف عروسان رفتم
Мардум аз гиряу корам бтбсм накашид
مردم از گریه و کارم بتبسم نکشید
Манам он Нӯҳ ки ҳам бар сар тӯфон рафтам
منم آن نوح که هم بر سر طوفان رفتم
Аз парешонеи дили сӯхтаму баҳри алоҷ
از پریشانی دل سوختم و بهر علاج
Ҳам бдриўзаҳи дилҳои парешон рафтам
هم بدریوزه دلهای پریشان رفتم
Бозуии ҳамтеми онрўз чу қимат бишикаст
بازوی همتم آنروز چو قیمت بشکست
Ки бтобидни сарпанҷа марҷон рафтам
که بتابیدن سرپنجه مرجان رفتم
Манам он ҳайкали рӯҳонии андешаи худо
منم آن هیکل روحانی اندیشه خدا
Ки дроб задам , бар асар нон рафтам
که درآب زدم ، بر اثر نان رفتم
Манам он шери хутани сайд , ки оҳўгирм
منم آن شیر ختن صید ، که آهوگیرم
Ки чу мӯашони бшкори таҳ анбон рафтам
که چو موشان بشکار ته انبان رفتم
Гавҳари қӣматии ганҷ азал будам лек
گوهر قیمتی گنج ازل بودم لیک
Раҳи биъзтии ҷинс фаровон рафтам
ره بیعزتی جنس فراوان رفتم
Будам аз қадари туранҷи зари парвиз вале
بودم از قدر ترنج زر پرویز ولی
Гӯии гаштами барраи силӣ чавгон рафтам
گوی گشتم بره سیلی چوگان رفتم
Бӯдаам ман ҳалабии шишаи лаъли саҳбо
بوده ام من حلبی شیشه لعل صهبا
Пои кӯбони бкҷо бар сар санадон рафтам
پای کوبان بکجا بر سر سندان رفتم
Чун сабои рухсати кишти чаманам буд вале
چون صبا رخصت کشت چمنم بود ولی
Чу тамошои хилоиқ бхёбон рафтам
چو تماشای خلایق بخیابان رفتم
Рафтам андари паии мақсӯд вале ҳамчуи паланг
رفتم اندر پی مقصود ولی همچو پلنگ
Басари кӯҳи бқсди ма тобон рафтам
بسر کوه بقصد مه تابان رفتم
Завқи урёнӣ таҷред надонистам ҳайф
ذوق عریانی تجرید ندانستم حیف
Каз паии сндсу астбрқ ризвон рафтам
کز پی سندس و استبرق رضوان رفتم
Охири ин бо ки тавон гуфт ки дар мактаби қудс
آخر این با که توان گفت که در مکتب قدس
Дониш омӯз хирад будам ва нодон рафтам
دانش آموز خرد بودم و نادان رفتم
Шеъри варзедам ва аз маърифати он сӯ мондам
شعر ورزیدم و از معرفت آن سو ماندم
Ҷон маънӣ шудаму сӯрат биҷон рафтам
جان معنی شدم و صورت بیجان رفتم
Шаби ялдои ҳаётам бсҳр гуяд ҳайф
شب یلدای حیاتم بسحر گوید حیف
Ки дар афсонаи беҳуда бпоён рафтам
که در افسانه بیهوده بپایان رفتم
зи он шикастам ки бадунболи дили хеши мудом
ز آن شکستم که بدنبال دل خویش مدام
Дар нишеби шикани зулф парешон рафтам
در نشیب شکن زلف پریشان رفتم
Мотами аҳли дили ин буд ки бо шеванён
ماتم اهل دل این بود که با شیونیان
Таҳнияти гӯи басари хок шаҳидон рафтам
تهنیت گو بسر خاک شهیدان رفتم
Роҳи маҷнӯнӣ ва Фарҳодем омад дар пеш
راه مجنونی و فرهادیم آمد در پیش
Рафтам ин роҳи валикин на чу эшон рафтам
رفتم این راه ولیکن نه چو ایشان رفتم
Нохуни тешаи нрондми баргу решаи санг
ناخن تیشه نراندم برگ و ریشه سنگ
Кӯҳи ғам дар таҳи посўдаҳ бҷўлон рафтам
کوه غم در ته پاسوده بجولان رفتم
Ошёни заған ва зоғ начедам бар сар
آشیان زغن و زاغ نچیدم بر سر
Сари қадами сохта бар хор муғелон рафтам
سر قدم ساخته بر خار مغیلان رفتم
Ин ҳама рафтам ва рафтам ки шимурдами урфӣ
این همه رفتم و رفتم که شمردم عرفی
Бтқозои радиф аз пай бӯҳтон рафтам
بتقاضای ردیف از پی بهتان رفتم
Теғ вай гуфт ки дар маъракаи ҷангаши ман
تیغ وی گفت که در معرکه جنگش من
Ҳама аз торак ӯ то сам икрон рафтам
همه از تارک او تا سم یکران رفتم
Боди тӯфони сахояш бсбо гуфт ки ман
باد طوفان سخایش بصبا گفت که من
Фавҷ дар фавҷи шикастам чу бмидон рафтам
فوج در فوج شکستم چو بمیدان رفتم
Оҳанӣни панҷаи теғаш боҷл гуфт ки ман
آهنین پنجه تیغش باجل گفت که من
Мавҷ бар мавҷи шикастам чу бъмон рафтам
موج بر موج شکستم چو بعمان رفتم
Рмҳ вай гуяд агар ҷанг вагар сулҳ ки ман
رمح وی گوید اگر جنگ وگر صلح که من
Бикшод гиреҳи ҷабҳа хоқон рафтам
بگشاد گره جبهه خاقان رفتم
Толеъаши субҳи вилодат дар дунё зад ва гуфт
طالعش صبح ولادت در دنیا زد و گفت
Офтобии бкФ инак бшбстон рафтам
آفتابی بکف اینک بشبستان رفتم
Ҳар гуҳи андеша халқ ваем аз ҷои рабӯд
هر گه اندیشه خلق ویم از جای ربود
Чун сабо бар варақи сунбул ва райҳон рафтам
چون صبا بر ورق سنبل و ریحان رفتم
Ин ҷавоҳири зи нисор карамаш барчедам
این جواهر ز نثار کرمش برچیدم
То нгўинди бадари юза Аммон рафтам
تا نگویند بدر یوزه عمان رفتم
Дорам ин қофиларо серумаи зи хок дар ту
دارم این قافله را سرمه ز خاک در تو
Набарӣ занн ки бтороҷ сипоҳон рафтам
نبری ظن که بتاراج سپاهان رفتم
Бскаҳи исои нафасони бӯса броҳм доданд
بسکه عیسی نفسان بوسه براهم دادند
Ҳрқдми барсари сад чашма ҳайвон рафтам
هرقدم برسر صد چشمه حیوان رفتم
Боли андешаи зи парвози шикастами сад бор
بال اندیشه ز پرواز شکستم صد بار
Набарӣ занн ки бърши сухан осон рафтам
نبری ظن که بعرش سخن آسان رفتم
Ассалом эй малики алнзм бурун дод зи хок
السلام ای ملک النظم برون داد ز خاک
Чун боромгаҳи нозим ширвон рафтам
چون بآرامگه ناظم شروان رفتم
Доўро дӯш бадуш қадари андари раҳи умр
داورا دوش بدوش قدر اندر ره عمر
Бо санои туу нафрин ҳасудон рафтам
با ثنای تو و نفرین حسودان رفتم
Роҳи биҳди санои ту супурдами ин роҳ
راه بیحد ثنای تو سپردم این راه
Нест роҳӣ ки тавон гуфт ба поён рафтам
نیست راهی که توان گفت به پایان رفتم
Раҳи нафрини ҳасудон ту рафтам лекин
ره نفرین حسودان تو رفتم لیکن
Он наярзад ки бигӯям ба чаҳ унвон рафтам
آن نیرزد که بگویم به چه عنوان رفتم