эй таъни фалак навишта барисам
ای طعن فلک نوشته برسم
Ваии зулфи сабои бурӣда аз дам
وی زلف صبا بریده از دم
эй дар бар тавсани фалаки шӯх
ای در بر توسن فلک شوخ
з онгуна ки пеши шуълаи ҳизум
ز آنگونه که پیش شعله هیزم
Бар ғунчаи сбкрўии ваии бдонсон
بر غنچه سبکروی وی بدانسان
Каш ханда назояд аз табассум
کش خنده نزاید از تبسم
Нозии блби фасонаи пардоз
نازی بلب فسانه پرداز
з онгуна ки нашиканӣ такаллум
ز آنگونه که نشکنی تکلم
Аз гоми шимурдаи хати нигорӣ
از گام شمرده خط نگاری
Бар нуқтаи нӯки неши каждум
بر نقطه نوک نیش کژدم
Кард аз ту шитоби воми ваз он кард
کرد از تو شتاب وام وز آن کرد
Симурғи вуҷӯди хешро гум
سیمرغ وجود خویش را گم
Ҳаштуми фалакӣу зўи зўобаҳ
هشتم فلکی و ذو ذوابه
Чун вақти равиш илм кунӣ дам
چون وقت روش علم کنی دم
Зони рост рӯй ки табъи урфӣ
زآن راست روی که طبع عرفی
Ронадат бмсолки тааллум
راندت بمسالک تعلم
Аввали қадами риёзи табъаш
اول قدم ریاض طبعش
Охири чамани биҳишти ҳаштум
آخر چمن بهشت هشتم
Бе файзи қабули осмон буд
بی فیض قبول آسمان بود
Ҷомии тиҳӣ аз шароби сад хам
جامی تهی از شراب صد خم
Нанишаст магари буқати хобаш
ننشست مگر بوقت خوابش
Дарёии маъонӣ аз талотум
دریای معانی از تلاطم
Дарҳам шаканд бгоҳ ҳамла
درهم شکند بگاه حمله
Сад фавҷи маъонӣ аз тасодум
صد فوج معانی از تصادم
Чун оташи табъ бар фурӯзад
چون آتش طبع بر فروزد
Тӯбои талабади биҷои ҳизум
طوبی طلبد بجای هیزم
Дар абраи атлас фалак дӯхт
در ابره اطلس فلک دوخت
Райши збёзи субҳи қоқм
رایش زبیاض صبح قاقم
Ризвони зпии шароби базмаш
رضوان زپی شراب بزمش
Ангур , бпрўрди бторм
انگور ، بپرورد بطارم
Бар хок дар табиат ӯ
بر خاک در طبیعت او
Дарёии муҳӣт дар таяммум
دریای محیط در تیمم
Гардуни бнзораҳи замирӣ
گردون بنظاره ضمیری
Як дидау офтоби мардум
یک دیده و آفتاب مردم
Азоби сахоаши хӯшаи бардошт
ازآب سخاش خوشه برداشت
Нӯки мижа чун дарахти гандум
نوک مژه چون درخت گندم
Урфии бмдиҳи худ шитобӣ
عرفی بمدیح خود شتابی
Ҳушдор мабод , раҳ кунӣ гум
هشدار مباد، ره کنی گم
Дод суханат бидиҳ ки марданд
داد سخنت بده که مردند
Маънӣу иборат аз тазаллум
معنی و عبارت از تظلم
Ҳон шарм макун санои худгӯ
هان شرم مکن ثنای خودگو
Гўбоши ҳасуд дар табассум
گوباش حسود در تبسم
Шоистаи туе ба мадҳи имрӯз
شایسته تویی به مدح امروز
эй хоки раҳат ба фарқи мардум
ای خاک رهت به فرق مردم