Дили моро ба фусуни ҷодӯии Бобули набард

دل ما را به فسون جادوی بابل نبرد

Ҳар ки аз баҳри вафои ҷони надиҳади дили набард

هر که از بهر وفا جان ندهد دل نبرد

Кӣ касе ранги вафо май талабад , вар на ба ҳашар

کی کسی رنگ وفا می طلبد، ور نه به حشر

Дасти мо оби рухи домани қотили набард

دست ما آب رخ دامن قاتل نبرد

Бихўдии роҳи намояд ба ту маҷнӯни ту ро

بیخودی راه نماید به تو مجنون تو را

Ҳаргиз аз бонги ҷараси роҳ ба маҳмили набард

هرگز از بانگ جرس راه به محمل نبرد

Баҳри ғами ҷумла канораст ки аз худ гузарӣ

بحر غم جمله کنار است که از خود گذری

Заврақи аҳли фанои миннати соҳили набард

زورق اهل فنا منت ساحل نبرد

Ҳар ки андеша ӣ ӯ чашма ӣ кавсар нашавад

هر که اندیشه ی او چشمه ی کوثر نشود

Пай ба ширинии он шакли шамоили набард

پی به شیرینی آن شکل شمایل نبرد

Дами шамшер буд раҳгузари ишқ , вале

دم شمشیر بود رهگذر عشق، ولی

Ҳар ки ин раҳ наравад пай ба дар дили набард

هر که این ره نرود پی به در دل نبرد

Озими ҳеҷ ғам обод нагардад ғами дӯст

عازم هیچ غم آباد نگردد غم دوست

Ки марои даст дар оғӯши ҳамоили набард

که مرا دست در آغوش حمایل نبرد

Ҳама адласт чаро брмни оқили дгарӣ

همه عدل است چرا برمن عاقل دگری

Ақли кули роҳ ба ин нукта ӣ мушкили набард

عقل کل راه به این نکته ی مشکل نبرد

Сина холӣ макун аз дард ки марди раҳи ишқ

سینه خالی مکن از درد که مرد ره عشق

Ки сбксор шавад бор ба манзили набард

که سبکسار شود بار به منزل نبرد

Урфии он шамъ дар оварад ба маҳфил , кӯ ро

عرفی آن شمع در آورد به محفل، کو را

Хиҷлати ҷилва ӣ хуршед ба маҳфили набард

خجلت جلوه ی خورشید به محفل نبرد