То буии Наими ситам аз хон ту ёбанд
تا بوی نعیم ستم از خوان تو یابند
Ҷонҳои шаҳидони ҳамаи меҳмон ту ёбанд
جان های شهیدان همه مهمان تو یابند
Меҳмони ту ҷамъӣу марои ғам ки мабодо
مهمان تو جمعی و مرا غم که مبادا
Сӯзи дили ришами зи намакдон ту ёбанд
سوز دل ریشم ز نمکدان تو یابند
Созанд ба маҳшари ҳадафи тири маломат
سازند به محشر هدف تیر ملامت
Он даст ки кӯтоҳи зи домон ту ёбанд
آن دست که کوتاه ز دامان تو یابند
Обӣ ки буд тишнагии афзои масеҳо
آبی که بود تشنگی افزای مسیحا
Зҳрист ки дар коми шаҳидон ту ёбанд
زهریست که در کام شهیدان تو یابند
эй рафта ба Миср аз паии фарзанд , ба канъон
ای رفته به مصر از پی فرزند، به کنعان
Ҳушдор ки ӯро зи гиребон ту ёбанд
هشدار که او را ز گریبان تو یابند
Ҷони ду ҷаҳонро ки дами ҳашари биҷӯянд
جان دو جهان را که دم حشر بجویند
Як як з сар нашутур пайкон ту ёбанд
یک یک ز سر نشتر پیکان تو یابند
Миъроҷи млоик ба ҷуз ин нест ки дар ишқ
معراج ملایک به جز این نیست که در عشق
Парвонагии шамъи шабистон ту ёбанд
پروانگی شمع شبستان تو یابند
Урфӣ чаҳ буд нозу Наими ту ки доим
عرفی چه بود ناز و نعیم تو که دایم
Мотам задагонро ҳамаи меҳмон ту ёбанд
ماتم زدگان را همه مهمان تو یابند