Он дил ки ба ҳиҷри ту з ором барояд

آن دل که به هجر تو ز آرام برآید

Зудаш ба мусӣбати задагӣ ном барояд

زودش به مصیبت زدگی نام برآید

Пар заҳр диҳад соғар ва ширин накунад лаб

پر زهر دهد ساغر و شیرین نکند لب

Он ҳавсилаам гӯ ки ба ин ҷом барояд

آن حوصله ام گو که به این جام برآید

Оташ ба ғам ҷон бигрифтааст ки аз тан

آتش به غم جان بگرفته است که از تن

То ҳашари аҷал гар кунад ибром барояд

تا حشر اجل گر کند ابرام برآید

Гар зулфи ту дар савмиъа зуннор фишонд

گر زلف تو در صومعه زنار فشاند

Овозаи куфр аз дил ислом барояд

آوازهٔ کفر از دل اسلام برآید

Мушкил ки шавад нағмаи гшо дар чамани хулд

مشکل که شود نغمه گشا در چمن خلد

Мурғӣ ки ба пажмурдагӣ дом барояд

مرغی که به پژمردگی دام برآید

Моро ки баради ном ба базм ки аз мо

ما را که برد نام به بزم که از ما

Дар маҷмаъ мотам задагон ном барояд

در مجمع ماتم زدگان نام برآید

Он сӯхтагонем кигар оташи дӯзах

آن سوختگانیم که گر آتش دوزخ

Санҷанд ба доғи дили мо хом барояд

سنجند به داغ دل ما خام برآید

Зон бо ту бигӯем ба урфӣ ки мабодо

زان با تو بگوِییم به عرفی که مبادا

Номаш ба забони ту ба дашном барояд

نامش به زبان تو به دشنام برآید