Касе ки дил ба вафои ту ишваи кеши ниҳод
کسی که دل به وفای تو عشوه کیش نهاد
Ҳазор доғи надомат ба ҷони хеши ниҳод
هزار داغ ندامت به جان خویش نهاد
Касе ба роҳи ту арзад ки пои з дида кунад
کسی به راه تو ارزد که پا ز دیده کند
Ки гул ба зер қадам диду пои пеши ниҳод
که گل به زیر قدم دید و پای پیش نهاد
Шаҳодаташ чу муроди ду кун дар қадам аст
شهادتش چو مراد دو کون در قدم است
Касе ки пои талаб дар раҳи ту пеши ниҳод
کسی که پای طلب در ره تو پیش نهاد
Киришма диҳад умеди умри ҷовидам
کرشمهٔ دهد امید عمر جاویدم
Ки марги баҳри шгўни тир ӯ ба кеши ниҳод
که مرگ بهر شگون تیر او به کیش نهاد
На кофарам на мусулмон , маро ки оташ зад
نه کافرم نه مسلمان، مرا که آتش زد
Ки нанг сӯхтан ман ба дайни хеши ниҳод
که ننگ سوختن من به دین خویش نهاد
зи мағзи урфӣ аз он хӯни хуш насим чакад
ز مغز عرفی از آن خون خوش نسیم چکد
Ки дастаи гули ғам бар димоғи хеши ниҳод
که دستهٔ گل غم بر دماغ خویش نهاد