Он чунон зотши бедоди маро май сӯзад
آن چنان زآتش بیداد مرا می سوزد
Ки ситам мегазад ангушту бало май сӯзад
که ستم می گزد انگشت و بلا می سوزد
Он чунон оташи ранҷурӣу бемории ман
آن چنان آتش رنجوری و بیماری من
Шуълаи зани гашт ки умеди шифо май сӯзад
شعله زن گشت که امید شفا می سوزد
Нои умедии з туам кард ба миҳроби намоз
نا امیدی ز توام کرد به محراب نماز
Ки зи таъсии дами гарм , дуо май сӯзад
که ز تاثیر دم گرم، دعا می سوزد
Асари шуълаи боми дили ман байн ки ҳамЭй
اثر شعلهٔ بام دل من بین که همای
Гар бар ӯ соя кунад , боли ҳумо май сӯзад
گر بر او سایه کند، بال هما می سوزد
Ки димоғи ту муаттар кунад аз буии сафо
که دماغ تو معطر کند از بوی صفا
Базми зоҳид ки дар ӯ авди риё май сӯзад
بزم زاهد که در او عود ریا می سوزد
Рӯ ба ҳар сӯ ки кунам ҷилва кунад шоҳиди ҳасан
رو به هر سو که کنم جلوه کند شاهد حسن
Он глимист ки аз шавқи бақо май сӯзад
آن گلیمیست که از شوق بقا می سوزد
Оташи шавқ , муҳӣти дил ман гашта , вале
آتش شوق ، محیط دل من گشته، ولی
Ҳар сари мӯ шудаи доғӣу маро май сӯзад
هر سر مو شده داغی و مرا می سوزد