Нағмае каз раҳи таъси ба шеван накушуд

نغمه ای کز ره تاثیر به شیون نکشد

Ба самоъаши дил мотам зада ман накушуд

به سماعش دل ماتم زدهٔ من نکشد

Дяти қатл ман инаст ки дар рӯзи ҷазо

دیت قتل من اینست که در روز جزا

Бизанам даст ба домонаш ва доман накушуд

بزنم دست به دامانش و دامن نکشد

Ҷазбаи қаҳри ту эй зарра надонам то кӣ

جذبهٔ قهر تو ای ذره ندانم تا کی

Аз таҳи ғамкадаи сина ба равзан накушуд

از ته غمکدهٔ سینه به روزن نکشد

Оқибати дард ҳаминаст ки дар фасли баҳор

عاقبت درد همین است که در فصل بهار

Дили мурғони хазони дида ба гулшан накушуд

دل مرغان خزان دیده به گلشن نکشد