Дил бишуд фарзонау ақл аз фусун дилгир шуд

دل بشد فرزانه و عقل از فسون دلگیر شد

Малики шавқамро фиребат аз пай таъмир шуд

مُلک شوقم را فریبت از پی تعمیر شد

Нисбати дил бо худам дидам , басӣ кам моя буд

نسبت دل با خودم دیدم، بسی کم مایه بود

Бар ҷунуни аФзўдмш то қобил занҷир шуд

بر جنون افزودمش تا قابل زنجیر شد

Ёфтам таъбири рангӣ чун ба болинам нишаст

یافتم تعبیر رنگی چون به بالینم نشست

Гарчи истиғнои ҳасанаши монеъ тағйир шуд

گرچه استغنای حسنش مانع تغییر شد

Кист то гуяд ба ширин каз ҳавои ҷилваи ?ут

کیست تا گوید به شیرین کز هوای جلوه ات

Оби чашми кӯҳкани дохил ба ҷӯй шер шуд

آب چشم کوهکن داخل به جوی شیر شد

Гар туро бемеҳр гуфтам , шиква мақсӯдам набӯд

گر تو را بی مهر گفتم، شکوه مقصودم نبود

Шукри дард хеш гуфтам ки бетаъси шуд

شکر درد خویش گفتم که بی تاثیر شد

Бас ки тобутами гронбор аз дили пар ҳасрат аст

بس که تابوتم گرانبار از دل پر حسرت است

Халқӣ аз ҳамроҳии тобути ман дилгир шуд

خلقی از همراهی تابوت من دلگیر شد

Бо вуҷӯди он ки ҷурм аз ҷониб урфӣ набӯд

با وجود آن که جرم از جانب عرفی نبود

Бе забонии байн ки қойил ба сад тақсир шуд

بی زبانی بین که قایل به صد تقصیر شد