Чаҳ ғами з рафтан инаст , мекашад инам
چه غم ز رفتن این است، می کشد اینم
Ки ғами ту ба бозича май баради дайнам
که غم تو به بازیچه می برد دینم
Фурӯғ ойӣнаам бечароғ маҷлис нест
فروغ آیینه ام بی چراغ مجلس نیست
Куҷост серумаи каши дидаи худои байнам
کجاست سرمه کش دیدهٔ خدا بینم
Эмоми шаҳр ки мастами надида , ҳайрон буд
امام شهر که مستم ندیده، حیران بود
Биё бигӯ ба тамошо , кунун ки рангинам
بیا بگو به تماشا، کنون که رنگینم
зи ман фароғати фирдавси даври бод ки ман
ز من فراغت فردوس دور باد که من
Бисоти мотамён бар фироқ май чинам
بساط ماتمیان بر فراغ می چینم
зи нури носиаҳи ман сабоҳ май тобад
ز نور ناصیهٔ من صباح می تابد
Шабӣ ки духтари зар буд шамъи болинам
شبی که دختر زر بود شمع بالینم
Чакад з ҳар сар мӯем ҳазор чашмаи заҳр
چکد ز هر سر مویم هزار چشمهٔ زهر
Аз он ба чашми дили аҳли дарди ширинам
از آن به چشم دل اهل درد شیرینم
Ҳазор ғами сар ғам кардаам вале дар дил
هزار غم سر غم کرده ام ولی در دل
Ғами ту реша фурӯ кард , мекашад инам
غم تو ریشه فرو کرد، می کشد اینم
Рӯм ба майкада , урфӣ , ки башиканам тавба
روم به میکده، عرفی، که بشکنم توبه
Мабод мӯҳтасиб аз дил берун кунад кинам
مباد محتسب از دل بیرون کند کینم