Чун хаёлати гузари орад ба дар маскани чашм

چون خیالت گذر آرد به در مسکن چشم

Ҷӯшаши нур ба ҳам дар шаканд равзани чашм

جوشش نور به هم در شکند روزن چشم

Мушти сӯзан ба дилам зон мижа то рехта анд

مشت سوزن به دلم زان مژه تا ریخته اند

Гиря аз пораи дили дӯхтаи пероҳани чашм

گریه از پارهٔ دل دوخته پیراهن چشم

Аз дилам то ба дар дидаи сад оташкадаи сохт

از دلم تا به در دیده صد آتشکده ساخت

Гиряи шавқ ки гулхан шуд азуи гулшани чашм

گریهٔ شوق که گلخن شد ازو گلشن چشم

Дар тмошогаҳи ҳасани ту ба ҳангоми нисор

در تماشاگه حسن تو به هنگام نثار

Сар ба пешонӣ хуршед занад хирмани чашм

سر به پیشانی خورشید زند خرمن چشم

Урфии имрӯзи бубинам ки буд баҳри видоъ

عرفی امروز ببینم که بود بهر وداع

Гиряро даст дар оғӯши дилу гардани чашм

گریه را دست در آغوش دل و گردن چشم