Чу дида кард назар , дили дроўФтод чу дил
چو دیده کرد نظر، دل دراوفتاد چو دل
Дар аўФтод , фурӯи баради пои мард ба гул
در اوفتاد، فرو برد پای مرد به گل
зи дил чу дида бар наҷусту тани з ҳар ду ба дард
ز دل چو دیده بر نجست و تن ز هر دو به درد
На ишқи бод ва на ошиқ , на дидаи бод ва на дил
نه عشق باد و نه عاشق، نه دیده باد و نه دل
Гар аз ду дидаи ҳамин дидаам ки : дил хӯн шуд
گر از دو دیده همین دیدهام که: دل خون شد
Ба солҳо нашаванд аз дилами ду дидаи бҳл
به سالها نشوند از دلم دو دیده بحل
Чу дида ту кунад майли донаи холӣ
چو دیدهٔ تو کند میل دانهٔ خالی
Дилат ба дом бало мекунад , бакӯшу мҳл
دلت به دام بلا میکند، بکوش و مهل
Ғурури дидау дил май хурии зи ҷаҳл , вале
غرور دیده و دل میخوری ز جهل، ولی
Сабки зи дили мутанаффири шӯй , зи дидаи хаҷал
سبک ز دل متنفر شوی، ز دیده خجل
Туро чу турраи Лайлӣ фурӯ кашад ба қол
ترا چو طرهٔ لیلی فرو کشد به قال
Бҳўш бош ! ки маҷнӯн дигар нашуд оқил
بهوش باش! که مجنون دگر نشد عاقل
Школи пой дилат нест ҷузи муҳаббати дӯст
شکال پای دلت نیست جز محبت دوست
Ба даст хеш макун кори хештани мушкил
به دست خویش مکن کار خویشتن مشکل
Чу умр дар сари таҳсили ин ҷамоат рафт
چو عمر در سر تحصیل این جماعت رفت
Ки ҷузи надомат ва беҳосилӣ нашуд ҳосил
که جز ندامت و بیحاصلی نشد حاصل
Канораи гири зи маъшуқае , ки рӯзу шабаш
کناره گیر ز معشوقهای، که روز و شبش
Ту дар канорӣ ва ӯ аз ту даври сад манзил
تو در کناری و او از تو دور صد منزل
Чу дӯст дар пай душман равад , ту дар пай ӯ
چو دوست در پی دشمن رود، تو در پی او
Макуш ҳарза , ки ранҷии ҳамеи барӣ , ботил
مکوش هرزه، که رنجی همیبری، باطل
Дарин мақом ба аз ростӣ наме байнам
درین مقام به از راستی نمیبینم
Касе ки меҳр наварзад , ту меҳри азуи бугсал
کسی که مهر نورزد، تو مهر ازو بگسل
Миннати худ ин ҳама гуфтам валикин аз паии дӯст
منت خود این همه گفتم ولیکن از پیدوست
Чунон рӯм , ки паии хоҷаи ҳиндӯии мқбл
چنان روم، که پیخواجه هندوی مقبل
Ҳадиси ишқ басӣ гуфтам ва надонистам
حدیث عشق بسی گفتم و ندانستم
Ки : ман миёнаи ғарқобам ва ту бар соҳил
که: من میانهٔ غرقابم و تو بر ساحل
Маро агар дўсаҳи рӯзии бҳўш май бинӣ
مرا اگر دوسه روزی بهوش میبینی
Гумон мабар ту ки : меҳрами з сина шуд зоил
گمان مبر تو که: مهرم ز سینه شد زایل
Кигар зи хориҷи ман дафтарии напардозам
که گر ز خارج من دفتری نپردازم
Ҳазор қиссаи маҷнӯн буд дарави дохил
هزار قصهٔ مجنون بود درو داخل
Ту гарм кун нафаси хешро ба оташи ишқ
تو گرم کن نفس خویش را به آتش عشق
Раҳо кун он дгаронро ба зерау плпл
رها کن آن دگران را به زیره و پلپل
Ибодат аз сар ғифлат нишоед , эй ҳушёр
عبادت از سر غفلت نشاید، ای هشیار
Ту маст бошу зи маъбуд худ машав ғофил
تو مست باش و ز معبود خود مشو غافل
Нигоҳ кардану мақсӯди ошиқ ар ғаразаст
نگاه کردن و مقصود عاشق ار غرضست
Ғарази мҷўии ту , то ошиқии шӯии комил
غرض مجوی تو، تا عاشقی شوی کامل
зи дӯсти дӯсти талаб , иллат аз миён баргир
ز دوست دوست طلب، علت از میان برگیر
Ки чун з васл буридӣ , тамаъ шудӣ восил
که چون ز وصل بریدی، طمع شدی واصل
Гар орзӯаст турои шаҳри ошиқон дидан
گر آرزوست ترا شهر عاشقان دیدن
Биёу дасти зи фитроки Авҳадии бугсал
بیا و دست ز فتراک اوحدی بگسل
Вагар муқӣм шудӣ дасти боздор аз ман
و گر مقیم شدی دست بازدار از من
Ки бод дар сар роҳасту ёр дар маҳмил
که باد در سر راهست و یار در محمل