Мардум нишаста фориғ ва ман дар балои дил
مردم نشسته فارغ و من در بلای دل
Дил дардманд шуд , з ки ҷӯям давои дил ?
دل دردمند شد، ز که جویم دوای دل؟
Аз ман нишони дил талабиданади бедилон
از من نشان دل طلبیدند بیدلان
Ман низ бедилам , чаҳ навозам навой дил ?
من نیز بیدلم، چه نوازم نوای دل؟
Рамзӣ бигӯямат зи дил , ар бишинавӣ ба ҷон
رمزی بگویمت ز دل، ار بشنوی به جان
Бигузар зи ҷон , то ки бибинӣ лақои дил
بگذر ز جان، تا که ببینی لقای دل
Дилро , з ҳар чаҳ ҳаст , бипардоз ва соф кун
دل را، ز هر چه هست، بپرداز و صاف کن
То ҳар чаҳ ҳаст бенгарӣ андари сафои дил
تا هر چه هست بنگری اندر صفای دل
Гар дар дили ту ҷой касе ҳаст ғайр ӯ
گر در دل تو جای کسی هست غیر او
Фориғ нишин , ки ҳеҷ накардӣ ба ҷои дил
فارغ نشین، که هیچ نکردی به جای دل
Дил арш мутлақаст ва бирав устувои ҳақ
دل عرش مطلقست و برو استوای حق
Зини ҷо дуруст кун ба қиёси устувои дил
زین جا درست کن به قیاس استوای دل
Бар курсии вуҷӯди ту лўҳисти дили зи нур
بر کرسی وجود تو لوحیست دل ز نور
Биравӣ набиштаи сари худои худои дил
بروی نبشته سر خدایی خدای دل
Гар дил ба мазҳаби ту ҷузин гӯшт пора нест
گر دل به مذهب تو جزین گوشت پاره نیست
Қассоби кӯй ба з ту донад баҳоии дил
قصاب کوی به ز تو داند بهای دل
Дили бхтиисти баста бар маҳди кибриё
دل بختییست بسته بر مهد کبریا
Венаи ақлу нутқу ҷони ҳамаи занг ва дароӣ дил
وین عقل و نطق و جان همه زنگ و درای دل
Кайхусрав он касеаст ки ҳол ҷаҳон бидид
کیخسرو آن کسیست که حال جهان بدید
Аз нури ҷоми равшан гетӣ намой дил
از نور جام روشن گیتی نمای دل
Бегонаро ба хилвати мо дар мёўрид
بیگانه را به خلوت ما در میاورید
То нашунаванд воқеаи ошнои дил
تا نشنوند واقعهٔ آشنای دل
Чун офтоб ишқ барояд , ту бенгарӣ
چون آفتاب عشق برآید، تو بنگری
Ҷонҳо чу зарраи рақси кунон дар ҳавои дил
جانها چو ذره رقصکنان در هوای دل
Бигузар ба шаҳри ишқ , ки бинии ҳазор ҷон
بگذر به شهر عشق، که بینی هزار جان
Дили дили кунони з ҳар сари кӯе ки : вои дил !
دلدلکنان ز هر سر کویی که: وای دل!
Пайванд дил бидид касе , каш бурӣда анд
پیوند دل بدید کسی، کش بریدهاند
Бар қади ҷон ба дасти муҳаббати қабои дил
بر قد جان به دست محبت قبای دل
Аз рои дил гузор набошад , бҳич рӯй
از رای دل گذار نباشد، بهیچ روی
Султон диласту сар ки бипечад зи рои дил ?
سلطان دلست و سر که بپیچد ز رای دل؟
Сарпӯши ҷисм агар зи сар ҷон барафканӣ
سرپوش جسم اگر ز سر جان برافکنی
Файзи азал нузул кунад дар фазои дил
فیض ازل نزول کند در فضای دل
Гар дар фаноӣ ҷисм бакӯшӣ бақадр вусъ
گر در فنای جسم بکوشی بقدر وسع
Ман аҳд мекунам ба хлўди бақои дил
من عهد میکنم به خلود بقای دل
Нақди ту зери сиккаи маънӣ куҷо ниҳанд ?
نقد تو زیر سکهٔ معنی کجا نهند؟
Чун оҳани ту зар нашуд аз кимиёии дил
چون آهن تو زر نشد از کیمیای دل
Чун ҳеҷ дил ба даст наёвардае ҳануз
چون هیچ دل به دست نیاوردهای هنوز
Чандин мазан ба хон ҳавас бар , салои дил
چندین مزن به خوان هوس بر، صلای دل
Умрии гадои хирман дил бӯдаам ба ҷон
عمری گدای خرمن دل بودهام به جان
То гашти домани дили ман пари балои дил
تا گشت دامن دل من پر بلای دل
Гар нашнавӣ ҳикояти дил , ин шигифт нест
گر نشنوی حکایت دل، این شگفت نیست
Афсурдаи худ куҷои шунӯди моҷарои дил ?
افسرده خود کجا شنود ماجرای دل؟
Олами пар аз хурӯшу садоӣ дил манаст
عالم پر از خروش و صدای دل منست
Лекини туро ба гӯш наёяд садои дил
لیکن ترا به گوش نیاید صدای دل
Ночори ҳол дил бинмоед баҳр касе
ناچار حال دل بنماید بهر کسی
Чун Авҳадӣ , касе ки буд мубталои дил
چون اوحدی، کسی که بود مبتلای دل