Мабош бандаи он каз ғам ту озодаст
مباش بندهٔ آن کز غم تو آزادست
Ғамаш махӯр , ки ба ғам хӯрдан ту дилшодаст
غمش مخور، که به غم خوردن تو دلشادست
Марези оби ду чашм аз барои ӯ дар хок
مریز آب دو چشم از برای او در خاک
Кигар бар оташ сӯзанда дар шӯй бодаст
که گر بر آتش سوزنده در شوی بادست
Куҷои дили ту нигаҳ дорад ? онкӣ аз шухӣ
کجا دل تو نگه دارد؟ آنکه از شوخی
Ҳазор бори дили худ ба дигарон додаст
هزار بار دل خود به دیگران دادست
Бхлўт арча нишинад бар ту , шод мабош
بخلوت ارچه نشیند بر تو، شاد مباش
Ки ёраш ӯст ки берун хилват устодаст
که یارش اوست که بیرون خلوت استادست
Агарчӣ пеши ту гардан наад ба шогирдӣ
اگرچه پیش تو گردن نهد به شاگردی
Мабош бехабар аз ҳилтш , ки устодаст
مباش بیخبر از حیلتش، که استادست
Куҷо ба нолаи зори ту гӯш дорад шаб ?
کجا به نالهٔ زار تو گوش دارد شب؟
Ки то саҳари зи ғами дайгарӣ ба фарёдаст
که تا سحر ز غم دیگری به فریادست
зи номаҳо ки фиристодае чаҳ суд ? казу
ز نامهها که فرستاده ای چه سود؟ کزو
Бар он хӯрд ки буриши ҷома ҳо фиристодаст
بر آن خورد که برش جامهها فرستادست
?герати басони қалами сари ҳаме наад бар хат
گرت بسان قلم سر همینهد بر خط
Ба ҳуш бош , ки хотир ҳануз наниҳодаст
به هوش باش، که خاطر هنوز ننهادست
Барафкан , эй падар , аз меҳри он бародари дил
برافکن، ای پدر، از مهر آن برادر دل
На худ зи модари даврони ҳамин писар зодаст
نه خود ز مادر دوران همین پسر زادست
Бибаста зулф чу мораши миён ба куштани ту
ببسته زلف چو مارش میان به کشتن تو
Ту дар хаёл ки : ганҷӣ ба дастат афтодаст
تو در خیال که: گنجی به دستت افتادست
Мада ба шоҳиди дунёи Аннани дил , зинҳор !
مده به شاهد دنیا عنان دل، زنهار!
Ки ин ъаҷузаи арӯс ҳазор домодаст
که این عجوزه عروس هزار دامادست
Агар зи дӯсти ҳамин қаду чеҳра май ҷӯӣ
اگر ز دوست همین قد و چهره میجویی
Замини пар аз гулу насрину сарв ва шамшодаст
زمین پر از گل و نسرین و سرو و شمشادست
з рӯй хуби вафои ҷӯй , коҳили маънӣ ро
ز روی خوب وفا جوی، کاهل معنی را
Дил аз таъаллуқи ин савт ва сӯрат озодаст
دل از تعلق این صوت و صورت آزادست
Ҷамоатӣ ки бидоданд дод зебоӣ
جماعتی که بدادند داد زیبایی
Агар на дод дилӣ медиҳанд бедодаст
اگر نه داد دلی میدهند بیدادست
Касе ки аз ғами ширини лабон ба кӯҳи давид
کسی که از غم شیرین لبان به کوه دوید
Раҳои куниш , ки ҳануз аз камар науфтодаст
رها کنش، که هنوز از کمر نیفتادست
Ҳаловати лаби ширин ба хусравон бигзор
حلاوت لب شیرین به خسروان بگذار
Ки ранҷи кӯҳ баридан насиб Фарҳодаст
که رنج کوه بریدن نصیب فرهادست
Чаҳ суд дорад агар оҳанӣн сипар созем ?
چه سود دارد اگر آهنین سپر سازیم؟
Чу онкии хӯни дил мо бирехт пӯлодаст
چو آنکه خون دل ما بریخت پولادست
Намӯдае ки : дигар аҳд мекунад бо мо
نمودهای که: دگر عهد میکند با ما
Макун ҳикояти аҳдаш , ки суст бунёдаст
مکن حکایت عهدش، که سست بنیادست
Насиҳатӣ ки кунам ёди гиру баъд аз ман
نصیحتی که کنم یاد گیر و بعد از من
Бигӯӣ рост ки : инам з Авҳадӣ ёдаст
بگوی راست که: اینم ز اوحدی یادست