Чаҳ ишқаст ин ки дар дил шуд ?

چه عشقست این که در دل شد؟

Казу поем дарин гул шуд

کزو پایم درین گل شد

Ба банд ӯ дар афтодам

به بند او در افتادم

Кашидам банд ва мушкил шуд

کشیدم بند و مشکل شد

Чаҳ шарбат буд ишқ ӯ ?

چه شربت بود عشق او؟

Ки ҷонро заҳр қотил шуд

که جان را زهر قاتل شد

Қиёмат бинад он дастӣ

قیامت بیند آن دستی

Каз он қомат ҳамоил шуд

کز آن قامت حمایل شد

Чу бо ойӣнаи хотир

چو با آیینهٔ خاطر

Ҷамол ӯ муқобил шуд

جمال او مقابل شد

Ҳар он нақшӣ ки бар дили бад

هر آن نقشی که بر دل بد

Наҳуфтаи гашт ва ботил шуд

نهفته گشت و باطل شد

Азуи ман соя Эй будам

ازو من سایه‌ای بودم

Ба нури он соя зоил шуд

به نور آن سایه زایل شد

Мурӣдиро Муродии бад

مریدی را مرادی بد

Азон дилдор ҳосил шуд

ازان دلدار حاصل شد

Риёзати Авҳадӣ май барад

ریاضت اوحدی می‌برد

Ки ин дарвеш восил шуд

که این درویش واصل شد