Ҳеҷ рӯзи он рух ба фармонам нашуд

هیچ روز آن رخ به فرمانم نشد

Дарди дили брдод ва дармонам нашуд

درد دل برداد و درمانم نشد

Дӯши рози ишқ ӯ бар марду зан

دوش راز عشق او بر مرد و زن

Қасд он кардам ки бархонам , нашуд

قصد آن کردم که برخوانم، نشد

Сабр аз он дилдору даврӣ зон нигор

صبر از آن دلدار و دوری زان نگار

Гар чаҳ мегуфтам ки : битавонам , нашуд

گر چه می‌گفتم که: بتوانم، نشد

Аз шикоятҳо ки ҳаст ин банда ро

از شکایت‌ها که هست این بنده را

Як сухан дар гӯш султонам нашуд

یک سخن در گوش سلطانم نشد

Нест як шаб , каз ғами он моҳрух

نیست یک شب، کز غم آن ماهرخ

Нолау зорӣ ба кайвонам нашуд

ناله و زاری به کیوانم نشد

Кӣ фаромӯшам шавад ёдаши зи дил ?

کی فراموشم شود یادش ز دل؟

Нақш ӯ чун ҳаргиз аз ҷонам нашуд

نقش او چون هرگز از جانم نشد

Худ на ӯ пешам намеояд ба рӯз

خود نه او پیشم نمی‌آید به روز

Шаби хаёлаш низ меҳмонам нашуд

شب خیالش نیز مهمانم نشد

Борҳо гуфтам ки :гар дастам диҳад

بارها گفتم که: گر دستم دهد

Дод азон дилдори бустонам , нашуд

داد ازان دلدار بستانم، نشد

Авҳадӣ гуфт : он парӣ дар ишқи мо

اوحدی گفت: آن پری در عشق ما

Нарм шуд хеле , вале донам нашуд

نرم شد خیلی، ولی دانم نشد