На охири дили ман хароб аз ту шуд ?
نه آخر دل من خراب از تو شد؟
На охири ду чашмами пуроб аз ту шуд ?
نه آخر دو چشمم پرآب از تو شد؟
На охири тани нози пурвирди ман
نه آخر تن ناز پرورد من
Гирифтори чандини азоб аз ту шуд ?
گرفتار چندین عذاب از تو شد؟
Макун хобу чашми маро ғам бихӯр
مکن خواب و چشم مرا غم بخور
Казин гӯна бе хӯрду хоб аз ту шуд
کزین گونه بیخورد و خواب از تو شد
зи лаби оби васлии бад-ӣни синаи рез
ز لب آب وصلی بدین سینه ریز
Ки бротши ғами кабоб аз ту шуд
که برآتش غم کباب از تو شد
Чу чангам ба гуфтори хуш май навоз
چو چنگم به گفتار خوش مینواز
Ки фарёди ман чун рубоб аз ту шуд
که فریاد من چون رباب از تو شد
Ба ёқӯти худ ҳол ашкам бипурс
به یاقوت خود حال اشکم بپرس
Ки бар чеҳра чун лаъли ноб аз ту шуд
که بر چهره چون لعل ناب از تو شد
Мтоб аз бар Авҳадӣ рӯй хеш
متاب از بر اوحدی روی خویش
Ки бечора дар тангу тоб аз ту шуд
که بیچاره در تنگ و تاب از تو شد