Ҳар ки ӯ ошиқи он рӯй буд сабр надонад

هر که او عاشق آن روی بود صبر نداند

Ошиқ хештанаст онкии азу сабр тавонад

عاشق خویشتنست آنکه ازو صبر تواند

Гар бибинанди руху қади турои беди гул , эй бут

گر ببینند رخ و قد ترا بید گل، ای بت

Гули хиҷолати бараду беди арақҳо бчконд

گل خجالت برد و بید عرقها بچکاند

Бим онаст ки : ёди лаби ширини ту рӯзӣ

بیم آنست که: یاد لب شیرین تو روزی

Ҳамчуи Фарҳод ба саҳро ва ба кӯҳам бадванд

همچو فرهاد به صحرا و به کوهم بدواند

Шарбати васли ту ҳаркаси бчшиднди валикин

شربت وصل تو هرکس بچشیدند ولیکن

Сар он нест ки як қатраи бмо низ чашонд

سر آن نیست که یک قطره بما نیز چشاند

Бар рухами ишқи ту нқшист ба хунобаи навишта

بر رخم عشق تو نقشیست به خونابه نوشته

Венаи чунин нақш ки донад ? ки чу обаши бнхўонд

وین چنین نقش که داند؟ که چو آبش بنخواند

Гар касе боз кунад перҳан аз шахси заъифам

گر کسی باز کند پیرهن از شخص ضعیفم

Дар миёни ману мӯии ту тафовут банданд

در میان من و موی تو تفاوت بنداند

Аз сари турраи шбрнги ту , рӯзӣ ки бимирам

از سر طرهٔ شبرنگ تو، روزی که بمیرم

Гар насимӣ бидамад , аз гули ман гул бидаманд

گر نسیمی بدمد، از گل من گل بدماند

Чашми ман дар ғами дидори ту аз гиря чунон шуд

چشم من در غم دیدار تو از گریه چنان شد

Кигараш ним шабии роҳи даҳум сайл баранд

که گرش نیم شبی راه دهم سیل براند

Номаи дарди дилу қиссаи андӯҳи фироқам

نامهٔ درد دل و قصهٔ اندوه فراقم

Худ гирифтам ки нивисам , ки ба арзи ту расонад ?

خود گرفتم که نویسم،که به عرض تو رساند؟

Май рӯй хурраму ҳамроҳи ту длҳости валикин

می‌روی خرم و همراه تو دلهاست ولیکن

Гар бад-ӣни шеваи дуоне ту , басии дил ки намонад

گر بدین شیوه دوانی تو، بسی دل که نماند

Авҳадиро ту зи банди худ агар бози раҳоне

اوحدی را تو ز بند خود اگر باز رهانی

На ҳамоно ки : сари худ з камандат барраанд

نه همانا که: سر خود ز کمندت برهاند