Рухи ту ба ҷузи ҷавр ва хорӣ надонад

رخ تو به جز جور و خواری نداند

Дили ман ба ҷуз бурдборӣ надонад

دل من به جز بردباری نداند

з беёрмндӣ биноланд мардум

ز بی یارمندی بنالند مردم

Ман аз ёрмндӣ , ки ёрӣ надонад

من از یارمندی، که یاری نداند

зи рӯзам чаҳ пурсӣ ? ки чашми трмн

ز روزم چه پرسی؟ که چشم ترمن

Биҷузи ранги шабҳои торӣ надонад

بجز رنگ شبهای تاری نداند

Ман аз доғи ҳиҷри ту ҳрдм ба навъе

من از داغ هجر تو هردم به نوعی

Бгрим , ки абр баҳорӣ надонад

بگریم، که ابر بهاری نداند

Чунон нақш рӯят гирифтаст чашмам

چنان نقش رویت گرفتست چشمم

Ки нақши маниши пеш дорӣ надонад

که نقش منش پیش داری نداند

зи пеши дилами шодмонӣ чаҳ ҷӯӣ ?

ز پیش دلم شادمانی چه جویی؟

Ки ғам диду ҷуз сӯгворӣ надонад

که غم دید و جز سوگواری نداند

Дилами донишӣ каз ҷаҳон кард ҳосил

دلم دانشی کز جهان کرد حاصل

Гарон низ ёдаш наёрӣ надонад

گران نیز یادش نیاری نداند

зи ишқ ту зоранд халқии валикин

ز عشق تو زارند خلقی ولیکن

Каси ин шеваи фарёд ва зорӣ надонад

کس این شیوه فریاد و زاری نداند

Равонами зи ҷаври лабат чун насузад ?

روانم ز جور لبت چون نسوزد؟

Ки бо Авҳадӣ созгорӣ надонад

که با اوحدی سازگاری نداند