Кист каз он бути бмн хабар бирасонад ?
کیست کز آن بت بمن خبر برساند؟
Гар набӯд номае , зибр бирасонад
گر نبود نامهای، زبر برساند
Гарм рӯй кӯ ? ки пеши ин нафаси сард
گرم روی کو؟ که پیش این نفس سرد
Хушки саломӣ ба чашм тар бирасонад
خشک سلامی به چشم تر برساند
Бӯсаи даҳуми остини онкии сари ман
بوسه دهم آستین آنکه سر من
Боз бар он остон дар бирасонад
باز بر آن آستان در برساند
Бод тавонад дарав расед , саломаш
باد تواند درو رسید، سلامش
Ман бирасонам ба бод , агар бирасонад
من برسانم به باد، اگر برساند
Зон сари зулф , ар чаҳ нашунӯд сухани ман
زان سر زلف، ار چه نشنود سخن من
Ҳар чаҳ шунидаст сар ба сар бирасонад
هر چه شنیدست سر به سر برساند
Ҳоли баннои гӯш ӯ ба шарҳ бигӯед
حال بنا گوش او به شرح بگوید
Чунки ба гӯшам расад , дигар бирасонад
چونکه به گوشم رسد، دگر برساند
Бар дар ширин , чу дид ҳолати Фарҳод
بر در شیرین، چو دید حالت فرهاد
Қиссаи афтодан аз камар бирасонад
قصهٔ افتادن از کمر برساند
Кист ки муштоқро ду даст бигирад ?
کیست که مشتاق را دو دست بگیرد؟
Вази паии ҳиҷрон ба як дигар бирасонад
وز پی هجران به یک دگر برساند
Дил ба сабо додаму набарди саломӣ
دل به صبا دادم و نبرد سلامی
Ҷон бидиҳам , то ки беҷигар бирасонад
جان بدهم، تا که بیجگر برساند
Аз лабаши он буии дили шукр чу расонид
از لبش آن بوی دل شکر چو رسانید
Аз даҳанаш низ гул шукр бирасонад
از دهنش نیز گل شکر برساند
Боди саборо ҳазор бор чу гуфтам :
باد صبا را هزار بار چو گفتم:
Як сухани Авҳадӣ магар бирасонад
یک سخن اوحدی مگر برساند