Аз дар мо чу дар омад , асар мо бинмоанд
از در ما چو در آمد، اثر ما بنماند
Ин дилу дайну тану ҷону сар ва по бинмоанд
این دل و دین و تن و جان و سر و پا بنماند
Чашми он фитнаи пайдо ба дилами пӯшида
چشم آن فتنهٔ پیدا به دلم پوشیده
Назарӣ кард , ки пӯшида ва пайдо бинмоанд
نظری کرد، که پوشیده و پیدا بنماند
Сухани ишқ , ки ақлам ба муаммо ме хонд
سخن عشق، که عقلم به معما میخواند
Бар дилами кашф чунон шуд ки муаммо бинмоанд
بر دلم کشف چنان شد که معما بنماند
Ҳиялати мо ҳама ҳолат шуду ҳилтҳои сӯхт
حیلت ما همه حالت شد و حیلتها سوخت
Ҳолати мо ҳама маънӣ шуд ва асмо бинмоанд
حالت ما همه معنی شد و اسما بنماند
То ду медид дилам дар каф яғмо будам
تا دو میدید دلم در کف یغما بودم
Чун брстми зи дуе заҳмат яғмо бинмоанд
چون برستم ز دویی زحمت یغما بنماند
Дили ман дардии он дард ба дарё нӯшед
دل من دردی آن درد به دریا نوشید
Ба тариқӣ ки нам дар ҳама дарё бинмоанд
به طریقی که نم در همه دریا بنماند
эй таманнои дили ман зи ду гетии ?назарет
ای تمنای دل من ز دو گیتی نظرت
Назарӣ кун , ки дигар ҳеҷ таманно бинмоанд
نظری کن، که دگر هیچ تمنا بنماند
Гар чаҳ аз ҳар ҷиҳатами сиррӣу савдое буд
گر چه از هر جهتم سری و سودایی بود
Ҷиҳати сар ту бигирифтам ва савдо бинмоанд
جهت سر تو بگرفتم و سودا بنماند
Дӯш бо дарди ту гқтм ки : муҳобо кун , гуфт :
دوش با درد تو گقتم که: محابا کن، گفت:
Авҳадӣ , тан ба қзодаҳ , ки муҳобо бинмоанд
اوحدی، تن به قضاده، که محابا بنماند