Чун зи Бағдоду лаби диҷлаи дилам ёд кунад

چون ز بغداد و لب دجله دلم یاد کند

Доманамро чу лаби диҷла Бағдод кунад

دامنم را چو لب دجلهٔ بغداد کند

Ҳеҷ кас нест ки аз ёр сафар карда ман

هیچ کس نیست که از یار سفر کردهٔ من

Бирасонад хабарии хайру дилам шод кунад

برساند خبری خیر و دلم شاد کند

Ҳаргиз аз ёди ман хаста фаромӯш нашуд

هرگز از یاد من خسته فراموش نشد

Онкии ҳаргизи натавонад ки маро ёд кунад

آنکه هرگز نتواند که مرا یاد کند

Ҳиҷри доғист кигар бар ҷигар кӯҳ ниҳанд

هجر داغیست که گر بر جگر کوه نهند

Санг бар сина занон ояд ва фарёд кунад

سنگ بر سینه زنان آید و فریاد کند

Хонаи умри марои ишқи зи бунёди бикунад

خانهٔ عمر مرا عشق ز بنیاد بکند

Ишқ бошад ки чунин кор ба бунёд кунад

عشق باشد که چنین کار به بنیاد کند

Онкии хӯни дили ман рехти зи бедод ва бирафт

آنکه خون دل من ریخت ز بیداد و برفت

Коҷ боз ояду хӯни резад ва бедод кунад

کاج باز آید و خون ریزد و بیداد کند

Чаҳ ғам аз шоҳ ва чаҳ андешаи з хусрав бошад ?

چه غم از شاه و چه اندیشه ز خسرو باشد؟

Гар ба ширин расад он нола ки Фарҳод кунад

گر به شیرین رسد آن ناله که فرهاد کند

Бод бар гулбуни ин боғи гулиро нагузошт

باد بر گلبن این باغ گلی را نگذاشت

Каз насимаши дилам аз банди ғам озод кунад

کز نسیمش دلم از بند غم آزاد کند

Авҳадӣ чун ки аз он хирмани гули дўроФтод

اوحدی چون که از آن خرمن گل دورافتاد

Хирмани умр , зарурӣаст , ки бар бод кунад

خرمن عمر، ضروریست، که بر باد کند