Дилам аз лаъли ту як бӯса таманно накунад
دلم از لعل تو یک بوسه تمنا نکند
Ки ҷафои ту марои дида чу дарё накунад
که جفای تو مرا دیده چو دریا نکند
Ин чунин бедилу бечора ки моием имрӯз
این چنین بیدل و بیچاره که ماییم امروز
Кас надонам ки ҷафо донад ва бар мо накунад
کس ندانم که جفا داند و بر ما نکند
Бӯсаегар брбўдми зи лабат тайра машав
بوسهای گر بربودم ز لبت طیره مشو
Чун касе танг шукр ёбад ва яғмо накунад ?
چون کسی تنگ شکر یابد و یغما نکند؟
Нест ташвишам аз он кас ки кунад хуу атў
نیست تشویشم از آن کس که کند خو و اتو
Ҳамаи ташвишам аз онаст ки хўўо накунад
همه تشویشم از آنست که خووا نکند
Дар ғамат зонка шикоят кунад андешаи мадор
در غمت زانکه شکایت کند اندیشه مدار
Зон биандеш ки ғам бинад ва пайдо накунад
زان بیندیش که غم بیند و پیدا نکند
Чашми тарки ту ҳамон рӯз ки ман дидам ақл
چشم ترک تو همان روز که من دیدم عقل
Гуфт бигурез , ки мастаст ва муҳобо накунад
گفت بگریز، که مستست و محابا نکند
Дӯш гуфтам ки : биўшми ғами ишқат , дил гуфт :
دوش گفتم که: بیوشم غم عشقت، دل گفت:
Авҳадӣ , гиряи нигаҳи дор , ки расво накунад
اوحدی،گریه نگهدار، که رسوا نکند