Дар он шамоили мавзун чу дил нигоҳ кунад

در آن شمایل موزون چو دل نگاه کند

Ҳазор нома ба нақши ҳавас сиёҳ кунад

هزار نامه به نقش هوس سیاه کند

зи ҳасрати расани зулфу чоҳи ғабғаб ӯ

ز حسرت رسن زلف و چاه غبغب او

На турфагар дили ман рағбат гуноҳ кунад

نه طرفه گر دل من رغبت گناه کند

Ба ҳиҷрови дили ман ғайр азин наме донад

به هجراو دل من غیر ازین نمی‌داند

Ки рӯз ва шаб биншинад , фиғон ва оҳ кунад

که روز و شب بنشیند، فغان و آه کند

Бирафт ва дар пай ӯ он чунон гириста ам

برفت و در پی او آن چنان گریسته‌ام

Каз оби дидаи ман корвон шиноа кунад

کز آب دیدهٔ من کاروان شناه کند

Дилами куҷои тамаъи васл ӯ кунад ? ҳайҳот !

دلم کجا طمع وصل او کند؟ هیهات!

Магари зи давр ба хок дараш нигоҳ кунад

مگر ز دور به خاک درش نگاه کند

Агар зи талъат ӯ муштарӣ хабар ёбад

اگر ز طلعت او مشتری خبر یابد

Куҷои мулозимати офтоб ва моҳ кунад ?

کجا ملازمت آفتاب و ماه کند؟

зи фахри сар ба фалак баркашад ситораи сифат

ز فخر سر به فلک برکشد ستاره صفت

Чу Авҳадии зи сари зулф ӯ паноҳ кунад

چو اوحدی ز سر زلف او پناه کند