Диягӣ ки пори пухтам чун нотамом буд

دیگی که پار پختم چون ناتمام بود

Бози омадам ки пухта шавад ҳар чаҳ хом буд

باز آمدم که پخته شود هر چه خام بود

Имсоли ном хеш башуем ба об май

امسال نام خویش بشویم به آب می

Кони зуҳдҳои пори ман аз баҳри ном буд

کان زهدهای پار من از بهر نام بود

Бисёр солҳост ки дил роҳ ме равад

بسیار سالهاست که دل راه می‌رود

Вонгаҳ бидон ки : манзили аввали кадом буд ?

وانگه بدان که: منزل اول کدام بود؟

Чун омадам ба тафриқа аз ҷамъ ӯ , магар

چون آمدم به تفرقه از جمع او، مگر

Он бор хос бошад ва ин бори ом буд

آن بار خاص باشد و این بار عام بود

Бар дили шабии зи равзани ҷон пуртӯй битофт

بر دل شبی ز روزن جان پرتوی بتافت

Гуфтам ки : субҳ бошад ва он низ шом буд

گفتم که: صبح باشد و آن نیز شام بود

Вақте салом ӯ з сабо мешунид гӯш

وقتی سلام او ز صبا می‌شنید گوش

Дар вртҳои саломати мо зон салом буд

در ورطها سلامت ما زان سلام بود

Зини пас магар ба маслиҳати худ назар кунем

زین پس مگر به مصلحت خود نظر کنیم

Кин чанд гоҳи гардани мо зери вом буд

کین چند گاه گردن ما زیر وام بود

Дили зин сафар кашид ба ҳар гоми заҳматӣ

دل زین سفر کشید به هر گام زحمتی

Ман баъд ком бошад , кони ҷумлаи гом буд

من بعد کام باشد، کان جمله گام بود

Вақт ин дамаст агар зи дам ғӯл ме раҳем

وقت این دمست اگر ز دم غول می‌رهیم

Кон чанд солаи роҳ пураз дев ваҳоам буд

کان چند ساله راه پراز دیو و هام بود

Дар уфту хез бардаам ин роҳро ба сар

در افت و خیز برده‌ام این راه را به سر

Кони бори баси гарону шутури баси ҳаммом буд

کان بار بس گران و شتر بس حمام بود

Бар осмони ишқи вуҷӯди ҳилоли ман

بر آسمان عشق وجود هلال من

Сад бори бадари гашт вале дар ғмом буд

صد بار بدر گشت ولی در غمام بود

Ҷавҳар наменамӯд зи зангори номи вннг

جوهر نمی‌نمود ز زنگار نام وننگ

Шамшери мо ки то ба кунун дар ниёам буд

شمشیر ما که تا به کنون در نیام بود

Акнӯн дурусти гашт : ҷузи эҳроми ишқ ӯ

اکنون درست گشت: جز احرام عشق او

Дар банд ҳар камар ки шуд ин дили ҳаром буд

در بند هر کمر که شد این دل حرام بود

Гар дайртар ба хона расад зини сафар ки кард

گر دیرتر به خانه رسد زین سفر که کرد

Товон бар Авҳадӣ набӯд , кӯи ғулом буд

تاوان بر اوحدی نبود، کو غلام بود