Аз мо ба фитнаи срмкш , эй ногузири мо
از ما به فتنه سرمکش، ای ناگزیر ما
Ки омизшисти меҳри туро бо замири мо
که آمیزشیست مهر ترا با ضمیر ما
Мо қиссае ки буд намудем ва арза дошт
ما قصهای که بود نمودیم و عرضه داشت
То худ ҷавоби он чаҳ расонади бшири мо
تا خود جواب آن چه رساند بشیر ما
Неи не , ба пайку нома чаҳ ҳоҷат ? ки ҳоли дил
نینی ، به پیک و نامه چه حاجت؟ که حال دل
Донам ки нонавишта бихонад мушири мо
دانم که نانوشته بخواند مشیر ما
эй боди субҳи дами хабар мо бипурс нек
ای باد صبحدم خبر ما بپرس نیک
Кини номҳо на нек нависад дабири мо
کین نامها نه نیک نویسد دبیر ما
эй сӯфӣ , ар ту мункири ишқӣ ба зуҳд кӯш
ای صوفی، ار تو منکر عشقی به زهد کوش
Моро зи ишқи тавбаи нафармуди пери мо
ما را ز عشق توبه نفرمود پیر ما
Баси қарнҳо сипеҳри бигардади бад-ӣни равиш
بس قرنها سپهر بگردد بدین روش
То бар замини ишқи наёбади назири мо
تا بر زمین عشق نیابد نظیر ما
Пистони худ ба меҳр Биёлуду дӯстӣ
پستان خود به مهر بیالود و دوستی
Рӯзи нахусти доя ки медод шери мо
روز نخست دایه که میداد شیر ما
Дар обу гули зи одами хокӣ нишон набӯд
در آب و گل ز آدم خاکی نشان نبود
Кғштаҳ шуд ба оби муҳаббати хамири мо
کغشته شد به آب محبت خمیر ما
Дилбари зи оҳу нолаи ман ҳеҷ ғам надошт
دلبر ز آه و نالهٔ من هیچ غم نداشت
Донист кон шикор науфтад ба тири мо
دانست کان شکار نیفتد به تیر ما
Зон дил шикастаем ки бар дӯст баста ем
زان دل شکستهایم که بر دوست بستهایم
Каз мо дили шикаста талаб кард мейри мо
کز ما دل شکسته طلب کرد میر ما
Саҳласт дастгирӣ афтод гон вале
سهلست دستگیری افتاد گان ولی
Вақте буд ки дӯст шавад дастгири мо
وقتی بود که دوست شود دستگیر ما
Бо хор сохтем , ки гули дайри брдмд
با خار ساختیم، که گل دیر بردمد
Шохи баланди дӯст ба дасти қсири мо
شاخ بلند دوست به دست قصیر ما
Аз ҷон баромадаст , набошад шигифт агар
از جان برآمدست، نباشد شگفت اگر
Дар дил нишинад ин сухани дилпазири мо
در دل نشیند این سخن دلپذیر ما
эй Авҳадӣ , агар яди Байзо бар оварӣ
ای اوحدی، اگر ید بیضا بر آوری
Машну , казон танур барояд фатири мо
مشنو، کزان تنور برآید فطیر ما