Ёр ар намекунад ба ҳадиси ту гӯши боз
یار ار نمیکند به حدیث تو گوش باز
Айбӣ набошад , эй дили мискин , бакӯш боз
عیبی نباشد، ای دل مسکین، بکوش باز
Чун пеш ӯ з ҷавр бинолӣ ва нашунӯд
چون پیش او ز جور بنالی و نشنود
Дармонати он буд ки бар ореи хурӯши боз
درمانت آن بود که بر آری خروش باز
Ҳар гуҳ ки пеши дӯсти маҷоли сухан буд
هر گه که پیش دوست مجال سخن بود
Рамзии сабк дар афкан ва мешӯ хамӯш боз
رمزی سبک در افکن و میشو خموش باز
эй боди субҳ , агар бар он бут гузар кунӣ
ای باد صبح، اگر بر آن بت گذر کنی
Гӯ : оташам манеҳ , ки дар оем ба ҷӯши боз
گو: آتشم منه، که در آیم به جوش باز
Ҳайрон аз он ҷамоли чунонам ки баъди азин
حیران از آن جمال چنانم که بعد ازین
Гар заҳр медиҳӣ нашиносам зи нӯши боз
گر زهر میدهی نشناسم ز نوش باز
Гуфтӣ ба дил ки : сабр кун , ӯ беқарор шуд
گفتی به دل که: صبر کن، او بیقرار شد
Дилро хушаст бо суханонат ба гӯши боз
دل را خوشست با سخنانت به گوش باز
Хоҳам бар остони ту як шаби ниҳоди сар
خواهم بر آستان تو یک شب نهاد سر
Он имшабастгар нбрндм ба дӯши боз
آن امشبست گر نبرندم به دوش باز
Чун саъии мо ба савмиъа судӣ наме кунад
چون سعی ما به صومعه سودی نمیکند
Зини пас тавофи мо ва дар май фуруши боз
زین پس طواف ما و در میفروش باز
Гар Авҳадӣ ба ҳуш наёяд шигифт нест
گر اوحدی به هوش نیاید شگفت نیست
Масти ғами ту дайртар ояд ба ҳуши боз
مست غم تو دیرتر آید به هوش باز