Ҳар чаҳ гӯям ман , эй дабир , имрӯз

هر چه گویم من، ای دبیر، امروز

На ба ҳушам , зи ман мгири имрӯз

نه به هوشم، ز من مگیر امروز

Қалами нестӣ ба ман дар каш

قلم نیستی به من در کش

Ки гирифтораму асири имрӯз

که گرفتارم و اسیر امروز

Солҳо дар камӣн нишастам то

سالها در کمین نشستم تا

Дар камонам кашад чу тири имрӯз

در کمانم کشد چو تیر امروز

Рӯи бишорати занон , ки гашти яке

رو بشارت زنان، که گشت یکی

Бо ғуломи худ он амири имрӯз

با غلام خود آن امیر امروز

Парда бар ман мдр , ки натавон дӯхт

پرده بر من مدر، که نتوان دوخت

Назар аз ёр бе назири имрӯз

نظر از یار بی‌نظیر امروز

Майли ёр қадим дорад дил

میل یار قدیم دارد دل

Тани азин ғусса , гӯ : бимири имрӯз

تن ازین غصه، گو: بمیر امروز

Авҳадӣ , ҷузи ҳадис дӯст магӯӣ

اوحدی، جز حدیث دوست مگوی

Ки ҷузв нест дар замири имрӯз

که جزو نیست در ضمیر امروز