Димишқ фитна шуд Бағдоду тӯфони балои обаш

دمشق فتنه شد بغداد و توفان بلا آبش

Ба чашми ман зи ҳиҷри онкӣ бе мо мебарад хобаш

به چشم من ز هجر آنکه بی‌ما میبرد خوابش

Магари бод сабо гуяд нишони оташини рӯе

مگر باد صبا گوید نشان آتشین رویی

Ки гуҳ дар хок меҷӯям нишону гоҳ дар обаш

که گه در خاک میجویم نشان و گاه در آبش

Касерогар ба асбобӣу мулкӣ дастрас бошад

کسی را گر به اسبابی و ملکی دسترس باشد

Чу давр аз дӯстон бошад на маликаст он , на асбобаш

چو دور از دوستان باشد نه ملکست آن، نه اسبابش

НмигФтӣ ки : поёнӣаст ҳар мавҷи балоеро ?

نمیگفتی که: پایانیست هر موج بلایی را؟

Чаҳ тӯфони бало буд инки пайдо нест поёбш

چه توفان بلا بود اینکه پیدا نیست پایابش

Шабӣ бӯседам он лабҳо , нхФтми баъд аз он шабҳо

شبی بوسیدم آن لبها، نخفتم بعد از آن شبها

Нигарем то напиндорӣ ки : бе заҳраст ҷлобш

نگریم تا نپنداری که: بی‌زهرست جلابش

Гар ин шабҳои ториками дуое мустаҷоб уфтад

گر این شبهای تاریکم دعایی مستجاب افتد

Шабӣ бинишонам он маро ва май байнам ба маҳтобаш

شبی بنشانم آن مه را و می‌بینم به مهتابش

Гузашти он каз шабистонаш намебудам шабии холӣ

گذشت آن کز شبستانش نمی‌بودم شبی خالی

Ки натавонам гузашт акнӯн ба рӯз аз пеши бўобш

که نتوانم گذشت اکنون به روز از پیش بوابش

Танами азм сафар дорад вале аз хоки кӯй ӯ

تنم عزم سفر دارد ولی از خاک کوی او

Дилам берун нахоҳад шуд , ки дар ҷонаст қуллобаш

دلم بیرون نخواهد شد، که در جانست قلابش

Агар Меҳдӣ ба аҳд ӯ фурӯд ояд , напиндорам

اگر مهدی به عهد او فرود آید، نپندارم

Ки моро рух бигардонад зи абрӯӣ чу миҳробаш

که ما را رخ بگرداند ز ابروی چو محرابش

Ба мҳрўрони оташ дил набоист он шукр додан

به محروران آتش دل نبایست آن شکر دادن

Табибиро ки хӯни мо ҳаме ҷӯшад зи уннобаш

طبیبی را که خون ما همی جوشد ز عنابش

Набояд панди гӯйонро барин дили ранҷ бар бӯдан

نباید پند گویان را برین دل رنج بر بودن

Ки наздикон ба хилватҳо басӣ гуфтанд азин бобаш

که نزدیکان به خلوتها بسی گفتند ازین بابش

Халос аз суҳбати ин дарди пинҳонам куҷо бошад ?

خلاص از صحبت این درد پنهانم کجا باشد؟

Чу ҳасан аҳд нагузорад ки бинмоем ба асҳобаш

چو حسن عهد نگذارد که بنمایم به اصحابش

Сабо , гар бигузарӣ рӯзӣ ба он тарки хто , ногуҳ

صبا، گر بگذری روزی به آن ترک ختا، ناگه

Биовар номаи моро зи чини зулфи партобаш

بیاور نامهٔ ما را ز چین زلف پرتابش

Вари он дилдори сангини дили зи ҳоли Авҳадии пурсад

ور آن دلدار سنگین دل ز حال اوحدی پرسد

Бигӯ : ар даст мегирӣ кунун вақтаст , дар ёбаш

بگو: ار دست میگیری کنون وقتست، در یابش