Шабу рӯзи мӯниси ман ғами оннигор бодо

شب و روز مونس من غم آن نگار بادا

Сари ман бар остони сари кӯии ёри бодо

سر من بر آستان سر کوی یار بادا

Дилаш арча бо дили ман ба вафо яке нагардад

دلش ارچه با دل من به وفا یکی نگردد

Ба Рахши таъаллуқи ман , на яке , ҳазор бодо

به رخش تعلق من، نه یکی، هزار بادا

Чу ризоӣ ӯ дар онаст ки дардманд бошам

چو رضای او در آنست که دردمند باشم

Ғаму дард ӯ насиби ман дрдхўори бодо

غم و درد او نصیب من دردخوار بادا

зи маломат рақибон накунад гузор бар ман

ز ملامت رقیبان نکند گذار بر من

Ки бути ман аз рақибон ба маниши гузори бодо

که بت من از رقیبان به منش گذار بادا

Сухани канори пари хӯн ки марост ҳам бигӯям

سخن کنار پر خون که مراست هم بگویم

Ба миёни лоғар ӯ , ки дарин канори бодо

به میان لاغر او، که درین کنار بادا

Чу бохтёр кардам дилу ҷони фидои он рух

چو به اختیار کردم دل و جان فدای آن رخ

Гар азу кунам ҷудоӣ на бохтёри бодо

گر ازو کنم جدایی نه به اختیار بادا

Ба ман , эй сабо , насимии зи баҳори давлат ӯ

به من، ای صبا، نسیمی ز بهار دولت او

Бирасон , ки солу моҳати ҳамаи нави баҳори бодо

برسان، که سال و ماهت همه نو بهار بادا

Чаҳ кунад марои рақибаши ҳамаи соли давр аз он рух ?

چه کند مرا رقیبش همه سال دور از آن رخ؟

Ки чу ман бадаради даврии ҳамаи солаи зори бодо

که چو من به درد دوری همه ساله زار بادا

Лаб ӯ чу бози пурсади дили ошиқони худ ро

لب او چو باز پرسد دل عاشقان خود را

Дили риши Авҳадӣ низ дар он шумори бодо

دل ریش اوحدی نیز در آن شمار بادا