Ҳоли ин пайкар аз он бутгари донои пурсим

حال این پیکر از آن بتگر دانا پرسیم

ё худ аз пеши ҳакямони тавонои пурсим

یا خود از پیش حکیمان توانا پرسیم

Чаҳ тилисмаст дарин ганҷ ва чаҳ расмаст ӯ ро

چه طلسمست درین گنج و چه رسمست او را

ё чаҳ исмаст ? касе нест казу вои пурсим

یا چه اسمست؟ کسی نیست کزو وا پرسیم

Роҳ бисёр дарин хона , валикини мо ро

راه بسیار درین خانه، ولیکن ما را

Роҳ он нест ки гӯйем сухан , ё пурсим

راه آن نیست که گوییم سخن، یا پرسیم

Ҳар ки моро бишносад ба худои роҳи барад

هر که ما را بشناسد به خدا راه برد

Кӯи шносндаҳ ? ки аз ваии сухани мо пурсим

کو شناسنده؟ که از وی سخن ما پرسیم

Ҷон Масеҳасту салибаши тан ва ин маънӣ ро

جان مسیحست و صلیبش تن و این معنی را

Зуд донем агар пеши масеҳои пурсим

زود دانیم اگر پیش مسیحا پرسیم

Сари фарзанди дарин хона нашуд пайдо , лек

سر فرزند درین خانه نشد پیدا، لیک

Чун ба он хона дар ойем зи бобои пурсим

چون به آن خانه در آییم ز بابا پرسیم

Рӯҳро пештар аз одам ва ҳавво аслӣаст

روح را پیشتر از آدم و حوا اصلیست

Мо на Тифлем , ки аз одаму ҳаввои пурсим

ما نه طفلیم، که از آدم و حوا پرسیم

Сад ҳазор исм фузунасту мсмоши яке

صد هزار اسم فزونست و مسماش یکی

Исм ҷӯйем кунун ? ё зи мсмои пурсим ?

اسم جوییم کنون؟ یا ز مسما پرسیم؟

Ҳол имрӯз бипурсем зи донанда ба нақд

حال امروز بپرسیم ز داننده به نقد

Ҳол фардо бигзорем , ки фардои пурсим

حال فردا بگذاریم، که فردا پرسیم

Қатрае беш набошад ду ҷаҳон аз дарёаш

قطره‌ای بیش نباشد دو جهان از دریاش

Сифати қатраи ҳамон ба ки зи дарёи пурсим

صفت قطره همان به که ز دریا پرسیم

Авҳадӣ , рӯ , ту сухани гӯй ки мақсӯди сухан

اوحدی، رو، تو سخن گوی که مقصود سخن

Як ҳадисаст ва ҳам аз мардуми яктои пурсим

یک حدیثست و هم از مردم یکتا پرسیم