Саҳл бошад рӯза аз нонеу обии доштан
سهل باشد روزه از نانی و آبی داشتن
Рӯза аз рӯй чунон бошад азобии доштан
روزه از روی چنان باشد عذابی داشتن
Сӯхтам аз рӯзаи ҳиҷронаш , андари иди васл
سوختم از روزهٔ هجرانش، اندر عید وصل
Ҳам ба май бояд ҳарифонро шаробии доштан
هم به می باید حریفان را شرابی داشتن
Аикаҳ хобат мебарад , биншин , ки бо ҳам рост нест
ایکه خوابت میبرد، بنشین، که با هم راست نیست
Майли хубон кардан ва дар дидаи хобии доштан
میل خوبان کردن و در دیده خوابی داشتن
Аз ғам ӯгар бгриии бози пӯшони чашм тар
از غم او گر بگریی باز پوشان چشمتر
Гар наме ёрӣ чу модари офтобии доштан
گر نمییاری چو مادر آفتابی داشتن
Онкии моро айб мегуяд дарин ошуфтагӣ
آنکه ما را عیب میگوید درین آشفتگی
Пеши он рӯйиш наме бояд ниқобии доштан
پیش آن رویش نمیباید نقابی داشتن
Авҳадӣ ,гар ишқ май варзии зи сури дили манол
اوحدی، گر عشق میورزی ز سور دل منال
Лозимат бошад дарин оташи кабобии доштан
لازمت باشد درین آتش کبابی داشتن
Гар ҳамеи хоҳӣ ки чун чангати навозад , воҷибаст
گر همیخواهی که چون چنگت نوازد،واجبست
Гӯши пеши гӯшмолаш чун рубобии доштан
گوش پیش گوشمالش چون ربابی داشتن