Туро гузид дили ман , маро гузид ғами ту

ترا گزید دل من،مرا گزید غم تو

Ба ҳоли ман назарӣ кун , ки мардум аз ситами ту

به حال من نظری کن، که مردم از ستم تو

Мтоб рӯйу сар аз ман , мабош бехабар аз ман

متاب روی و سر از من،مباش بی‌خبر از من

Ки рӯзу шаби дилу чашмам дар оташаст венами ту

که روز و شب دل و چشمم در آتشست ونم تو

Туе алоҷи ғами мо туе Масеҳи дами мо

تویی علاج غم ما تویی مسیح دم ما

зи марг бок набошад ки мехӯрем дами ту

ز مرگ باک نباشد که می‌خوریم دم تو

зи роҳи давру биёбон чаҳ боку дӯзахи тобон ?

ز راه دور و بیابان چه باک و دوزخ تابان؟

Казин ду бим надорам ба пуштии карами ту

کزین دو بیم ندارم به پشتی کرم تو

Ба сайд мо накунад каси ҳавоу рағбати азин пас

به صید ما نکند کس هوا و رغبت ازین پس

Ки доғи даст ту дорему хона дар ҳарами ту

که داغ دست تو داریم و خانه در حرم تو

Магари ту чора корам кунӣу захм ки дорам

مگر تو چارهٔ کارم کنی و زخم که دارم

Ки марҳамӣ нашиносам мувофиқи ?илами ту

که مرهمی نشناسم موافق الم تو

Кадоми ҷинс ки дастам набохт бар сари Кувайт ?

کدام جنس که دستم نباخت بر سر کویت؟

Кадоми нақд ки чашмам нарехт дар қадами ту ?

کدام نقد که چشمم نریخت در قدم تو؟

Гар он маҷоли бубинами шабӣ ки : бо ту нишинам

گر آن مجال ببینم شبی که: با تو نشینم

Кунам шикоят бисёр аз илтифот кам ту

کنم شکایت بسیار از التفات کم تو

Макун шикастау хораш , ба дасти каси мспорш

مکن شکسته و خوارش، به دست کس مسپارش

Ки Авҳадӣаст дарин шаҳри сиккаи дирами ту

که اوحدیست درین شهر سکهٔ درم تو