Ба чашми сари ҳадафи созами дили худро ба ҷони ту

به چشم سر هدف سازم دل خود را به جان تو

Агар бар номи ман тирӣ биндозад камони ту

اگر بر نام من تیری بیندازد کمان تو

Дили ман бӯсае зон лаб тмнӣ мекунад , лекин

دل من بوسه‌ای زان لب تمنی می‌کند، لیکن

намегӯям сухан безар , ки медонам забони ту

نمی‌گویم سخن بی‌زر، که می‌دانم زبان تو

Чу даст худ нахоҳӣ кардани андари гарданами рӯзӣ

چو دست خود نخواهی کردن اندر گردنم روزی

Шабӣ бигзор то бошад ду дастам дар миёни ту

شبی بگذار تا باشد دو دستم در میان تو

Маро гуфтӣ : миён дар банд агар хоҳии канори ман

مرا گفتی: میان در بند اگر خواهی کنار من

Миёни бастам , ки дарбандам ба дасти худ миёни ту

میان بستم، که دربندم به دست خود میان تو

Чу аз ҳукми ҳадис ту намедонам гузаштани ман

چو از حکم حدیث تو نمی‌دانم گذشتن من

Шигифтам зон ҳадис ояд ки бигузашт аз забони ту

شگفتم زان حدیث آید که بگذشت از زبان تو

Чаҳ бошадгар ба номи ман фурӯ хонд лабати ҳарфӣ ?

چه باشد گر به نام من فرو خواند لبت حرفی؟

зи чандон ояти хӯбӣ ки манзил шуд башон ту

ز چندان آیت خوبی که منزل شد بشان تو

Баҳри ҷониби зи шавқат чун саг гум гашта май гирдам

بهر جانب ز شوقت چون سگ گم گشته می‌گردم

Ба буии онкӣ дар ёбам ғубори корвони ту

به بوی آنکه در یابم غبار کاروان تو

Хунаки ёрӣ ки ҳастӣ ту ба хилват ҳам нишин ӯ !

خنک یاری که هستی تو به خلوت هم نشین او!

Ки ман борӣ намеёбам нишоне аз нишони ту

که من باری نمی‌یابم نشانی از نشان تو

Ба дастони Авҳадиро кард чашмати пер май байнам

به دستان اوحدی را کرد چشمت پیر می‌بینم

Сарашро ман , ки хоҳад рафт дар пои ҷавони ту

سرش را من، که خواهد رفت در پای جوان تو