эй дил макун , баҳри ситамии ин нафири азу

ای دل مکن، بهر ستمی این نفیر ازو

Чун ҷонат ӯст , тани зану дили брмгири азу

چون جانت اوست، تن زن و دل برمگیر ازو

Он дӯстгар ба тир кунад қасди душманӣ

آن دوست گر به تیر کند قصد دشمنی

Сари пеши дор ва рӯй магардон ба тири азу

سر پیش‌دار و روی مگردان به تیر ازو

Аз ёр ногузир нишоед гурехтан

از یار ناگزیر نشاید گریختن

Зон кас тавон гурехт ки бошад гзири азу

زان کس توان گریخت که باشد گزیر ازو

Гар ҷон талаб кунад зи ту ҷонон , бад-ӣни қадар

گر جان طلب کند ز تو جانان، بدین قدر

Знт макун , фидо куну миннатпазир азу

ضنت مکن، فدا کن و منت پذیر ازو

Ҷонӣ ки доғ ишқ надорад куҷо баранд ?

جانی که داغ عشق ندارد کجا برند؟

Гар боядат ки зиндаи Бамонеи бимири азу

گر بایدت که زنده بمانی بمیر ازو

Бо муддаӣ бигӯӣ ки : эй бебасар , макун

با مدعی بگوی که: ای بی‌بصر، مکن

Айби назар , ки дида набинад назири азу

عیب نظر، که دیده نبیند نظیر ازو

Ёқӯб дар ҷудои Юсуф ба ҷон расед

یعقوب در جدایی یوسف به جان رسید

То баъди азин чаҳ муждаи расонади бшири азу ?

تا بعد ازین چه مژده رساند بشیر ازو؟

Дар ишқи некӯон ба ҷавонӣ кунанд айш

در عشق نیکوان به جوانی کنند عیش

Мо айш чун кунем ? ки гаштем пери азу

ما عیش چون کنیم؟ که گشتیم پیر ازو

эй дар хатари Фгндаҳи диламро ту аз хато

ای در خطر فگنده دلم را تو از خطا

Вонгаҳи надидаи ҳеҷ ?хитои хатири азу

وانگه ندیده هیچ خطای خطیر ازو

Рӯзӣ ба дасти боди нишоне ба мо расон

روزی به دست باد نشانی به ما رسان

Зон зулфи анбарин , ки хаҷал шуд абири азу

زان زلف عنبرین، که خجل شد عبیر ازو

Аз сӯзи Авҳадӣ ҳазарӣ кун , ки вақтҳо

از سوز اوحدی حذری کن، که وقتها

Султон зиён кунад , ки бинолад фақири азу

سلطان زیان کند، که بنالد فقیر ازو