Чигуна дили нспорм ба сӯрати ту , нигоро ?
چگونه دل نسپارم به صورت تو، نگارا؟
Ки дар ҷамол ту дидам камоли сунъи худо ро
که در جمال تو دیدم کمال صنع خدا را
Чаҳ бар хуранд зи болои нозуки ту ? надонам
چه بر خورند ز بالای نازک تو؟ ندانم
Ҷамоатӣ ки таҳаммул намекунанд бало ро
جماعتی که تحمل نمیکنند بلا را
На расми мост баридани зи дӯстони қадӣмӣ
نه رسم ماست بریدن ز دوستان قدیمی
Дарин диёр надонам ки расм чист шумо ро
درین دیار ندانم که رسم چیست شما را
Маро ки рӯй ту байнам ба ҷоҳу мол чаҳ ҳоҷат ?
مرا که روی تو بینم به جاه و مال چه حاجت؟
Касе ки рӯй ту бинад ба аз хазинаи доро
کسی که روی تو بیند به از خزینهٔ دارا
Шабӣ ба рӯз бигирам каманди зулфат ва гӯям :
شبی به روز بگیرم کمند زلفت و گویم:
Биор бӯса , ки имрӯз нест рӯзи мудоро
بیار بوسه، که امروز نیست روز مدارا
Ҷароҳати дили ошиқ давопазир набошад
جراحت دل عاشق دواپذیر نباشد
Чу дард дӯст биёмад чаҳ мекунем даворо ?
چو درد دوست بیامد چه میکنیم دوا را؟
Сабур бош дарин ғусса , Авҳадӣ , ки сабурон
صبور باش درین غصه، اوحدی، که صبوران
Сухани зи хор бурун оваранду сими зи хоро
سخن ز خار برون آورند و سیم ز خارا