Баҳор омаду боғи перояи баст
بهار آمد و باغ پیرایه بست
Чамани сабзи пӯшед ва дар гул нишаст
چمن سبز پوشید و در گل نشست
зи сармои замини доғ бар чеҳра дошт
ز سرما زمین داغ بر چهره داشت
Чу сабза бараст аз сиёҳӣ бараст
چو سبزه برست از سیاهی برست
Чу булбул дар омад ба дастони зи шавқ
چو بلبل در آمد به دستان ز شوق
Барояд гул акнӯн ба ҳафтод даст
برآید گل اکنون به هفتاد دست
Бар гули бунафшаи зи бими қафо
بر گل بنفشه ز بیم قفا
Забон дар кашидасту афтодаи паст
زبان در کشیدست و افتاده پست
Ба базми чамани ғунча ҳушёр монад
به بزم چمن غنچه هشیار ماند
На чун наргису лолаи махмуру маст
نه چون نرگس و لاله مخمور و مست
Насими гул аз шарми буии саман
نسیم گل از شرم بوی سمن
Саҳари гуҳи зи девор бустон биҷуст
سحر گه ز دیوار بستان بجست
Дурусти гули сурх агар шуд равон
درست گل سرخ اگر شد روان
Дили лола чандин набояд шикаст
دل لاله چندین نباید شکست
Яке панҷа бикшод бар шохи бед
یکی پنجه بگشاد بر شاخ بید
Ки мурғаш дар омад чу моҳӣ бишуст
که مرغش در آمد چو ماهی بشست
Агар хурдае аз гул омад падед
اگر خردهای از گل آمد پدید
Ба шукрона дар бохти баррагӣ ки ҳаст
به شکرانه در باخت برگی که هست
Ниҳодем сӯсани сифати сар дар об
نهادیم سوسن صفت سر در آب
Ки будем чун лолаи дардии параст
که بودیم چون لاله دردی پرست
Кунун Авҳадӣ гар бинолад равост
کنون اوحدی گر بنالد رواست
Ки чун булбулаши дил ба хорӣ бахаст
که چون بلبلش دل به خاری بخست