?герати аидўст буд дидаи равшани байн
گرت ایدوست بود دیدهٔ روشن بین
Бҷҳони гузарон такя макун чандин
بجهان گذران تکیه مکن چندین
На бқоӣист ба Исфанди мау баҳман
نه بقائیست به اسفند مه و بهمن
На саботӣаст ба шаҳривару фарвардин
نه ثباتی است به شهریور و فروردین
Паии эъдоми ту зини оинаи гавани айвон
پی اعدام تو زین آینه گون ایوان
Субҳ кофур фишон ояду шаби мишкӣн
صبح کافور فشان آید و شب مشکین
Фалаки аидўст ба шатранҷ ҳаме монад
فلک ایدوست به شطرنج همی ماند
Ки замонят кунад моту гуҳии фарзин
که زمانیت کند مات و گهی فرزین
Дил ба савганд дурӯғаш натавон бастан
دل به سوگند دروغش نتوان بستن
Ки ба ҳар лаҳза дигаргуна кунад ойин
که به هر لحظه دگرگونه کند آئین
Ба гузаргоҳи ту айём буд раҳзан
به گذرگاه تو ایام بود رهزن
Чаҳ ҳамеи бори худ аз ҷаҳл кунӣ сангин
چه همی بار خود از جهل کنی سنگین
Брбўдаст зи дороу зи Искандар
بربود است ز دارا و ز اسکندر
Меҳри симини камару маи каллаи заррин
مهر سیمین کمر و مه کله زرین
Надиҳади ҳеҷ касе нисбати тоўсӣ
ندهد هیچ کسی نسبت طاوسی
Ба шағолӣ ки дам зишт кунад рангин
به شغالی که دم زشت کند رنگین
Чу кабӯтари бача парвоз макун фориғ
چو کبوتر بچه پرواز مکن فارغ
Ки ба прўозгаҳи тести қазои шоҳин
که به پروازگه تست قضا شاهین
зи камони қадари он тир ки бигурезад
ز کمان قدر آن تیر که بگریزد
Кашадат гарчи саропои шӯии рўӣин
کُشدت گرچه سراپای شوی روئین
Ҳамаи хӯни дил халқаст дар ин соғар
همه خون دل خلق است در این ساغر
Ки диҳад соқии даҳрат чу май нӯшин
که دهد ساقی دهرت چو می نوشین
Хок хӯрдаст басии глрху насрини тан
خاک خوردست بسی گلرخ و نسرین تن
Ки ҳамеи равед аз он сарву гулу насрин
که همیروید از آن سرو و گل و نسرین
Марв эй пешрави қофилаи зини саҳро
مرو ای پیشرو قافله زین صحرا
Ки наомад хабар аз қофилаи пешин
که نیامد خبر از قافلهٔ پیشین
Дили худ байнати бёзрди чунон каждум
دل خود بینت بیازرد چنان کژدم
Тан хокят бибалъед чунон танин
تن خاکیت ببلعید چنان تنّین
Рӯз бигузашт , зи хоб саҳарӣ бигузар
روز بگذشت، ز خواب سحری بگذر
Корвон рафт , раҳеи гир ва бирав , манишин
کاروان رفت، رهی گیر و برو، منشین
Ба чаманзори ду , эй хуши хату холи оҳӯ
به چمنزار دو، ای خوش خط و خال آهو
Ба самовоти шӯ , эй тоири алӣин
به سماوات شو، ای طایر علیین
Ба чаҳ умед дар ин кӯҳ кунӣ хоро
به چه امید در این کوه کنی خارا
Чу ту киштаст басии кӯҳкани ин ширин
چو تو کشتست بسی کوهکن این شیرین