Падари он теша ки бар хок ту зад дасти аҷал
پدر آن تیشه که بر خاک تو زد دست اجل
Тешае буд ки шуд боиси вайронии ман
تیشهای بود که شد باعث ویرانی من
Юсуфат ном ниҳоданд ва ба гургат доданд
یوسفت نام نهادند و به گرگت دادند
Марги гург ту шуд , эй Юсуфи канъонии ман
مرگْ گرگ تو شد، ای یوسف کنعانی من
Маи гардуни адаб будӣ ва дар хок шудӣ
مه گردون ادب بودی و در خاک شدی
Хоки зиндони ту гашт , эй маи зиндонии ман
خاکْ زندان تو گشت، ای مه زندانی من
Аз надонистан ман дузди қазои огаҳ буд
از ندانستنِ من دزدِ قضا آگه بود
Чу туро барад , бихандед ба нодонии ман
چو تو را برد، بخندید به نادانی من
Он ки дар зер замин дод сару сомонат
آن که در زیرِ زمینْ داد سر و سامانت
Кош мехӯрд ғам бесару сомонии ман
کاش میخورد غم بیسر و سامانی من
Ба сари хок ту рафтам , хат покаш хондам
به سر خاک تو رفتم، خطِ پاکش خواندم
Оҳ аз ин хат ки навиштанд ба пешонии ман
آه از این خط که نوشتند به پیشانی من
Рафтӣу рӯзи марои тиратар аз шаб кардӣ
رفتی و روز مرا تیرهتر از شب کردی
Бе ту дар зулматам , эй дидаи нӯронии ман
بیتو در ظلمتم، ای دیدهٔ نورانی من
Бе ту ашку ғаму ҳасрати ҳама меҳмон мананд
بیتو اشک و غم و حسرت همه مهمان منَند
Қадамӣ ранҷа кун аз меҳр ба меҳмонии ман
قدمی رنجه کن از مهر به مهمانی من
Сафҳа рӯй зи анзор ниҳон ме дорам
صفحهٔ رویْ ز انظارْ نهان میدارم
То нахонанд бар ин сафҳаи парешонеи ман
تا نخوانند بر این صفحه پریشانی من
Даҳр бисёр чу ман сурбаи гиребон дида аст
دهرْ بسیار چو من سربهگریبان دیده است
Чаҳ тафовут кунадаш сурбаи гиребонии ман
چه تفاوت کندَش سربهگریبانی من
Узви ҷамъияти ҳақи гаштӣ ва дигар нахурӣ
عضو جمعیت حق گشتی و دیگر نخوری
Ғами танҳоӣу маҳҷӯрӣу ҳайронии ман
غم تنهایی و مهجوری و حیرانی من
Гулу райҳони кадомин чаманат бинмуданд
گل و ریحانِ کدامین چمنَت بنْمودند
Ки шикастии қафас , эй мурғи гулистонии ман
که شکستی قفس، ای مرغ گلستانی من
Ман ки қадари гуҳари пок ту ме донистам
من که قدر گهر پاک تو میدانستم
з чаҳ мафқуд шудӣ , эй гуҳари конии ман
ز چه مفقود شدی، ای گهر کانی من
Ман ки оби ту зи сарчашма дил ме додам
من که آب تو ز سرچشمهٔ دل میدادم
Обу рангат чаҳ шуд , эй лолаи нӯъмонии ман
آب و رنگت چه شد، ای لالهٔ نُعمانی من
Ман яке мурғ ғазал хон ту будам , чаҳ фитод
من یکی مرغ غزلخوانِ تو بودم، چه فتاد
Ки дигар гӯши надорӣ ба нўохўонии ман !
که دگر گوش نداری به نواخوانی من!
Ганҷ худ хондем ва рафтӣу бгзоштим
گنج خود خواندیَم و رفتی و بگذاشتیَم
эй аҷаб ; баъди ту бо кист нигаҳбонии ман !
ای عجب؛ بعد تو با کیست نگهبانی من!