Бунафшаи субҳдами афсарад ва боғбон гуфташ
بنفشه صبحدم افسرد و باغبان گفتش
Ки бега аз чаман озурду зуд рӯй наҳуфт
که بیگه از چمن آزرد و زود روی نهفت
Ҷавоб дод ки мо зуд рафтанӣ будем
جواب داد که ما زود رفتنی بودیم
Чаро ки зуди Фсрди он гулӣ ки зуди шкФт
چرا که زود فسرد آن گلی که زود شکفت
Кунун шикастау ҳангоми шом , хоки раҳам
کنون شکسته و هنگام شام، خاک رهم
Ту худ марои саҳар аз тарафи боғ хоҳӣ рафт
تو خود مرا سحر از طرف باغ خواهی رفت
Ғам шикастагӣам нест , зонка дояи даҳр
غم شکستگیم نیست، زانکه دایهٔ دهر
Буруз Тифлем аз рӯзгор перӣ гуфт
بروز طفلیم از روزگار پیری گفت
з нарад зиндагӣ эмин машав ки тоски бахт
ز نرد زندگی ایمن مشو که طاسک بخت
Ҳазор тоқи падеди орад аз паии ҷуфт
هزار طاق پدید آرد از پی جفت
Ба ҷурми як ду сабоҳии нишастани андари боғ
به جرم یک دو صباحی نشستن اندر باغ
Ҳазор қарн дар оғӯши хок бояд хуфт
هزار قرن در آغوش خاک باید خفت
Хуши он ксикаҳ чу гул , як ду шаб ба гулшани умр
خوش آن کسیکه چو گل، یک دو شب به گلشن عمر
Нахуфту шбрўи айём ҳар чаҳ гуфт , шнФт
نخفت و شبرو ایام هر چه گفت، شنفت