Хушо бодӣ ки бо он боди гирди кӯй ёр ояд

گر مصور مه من نقش تو دلخواه کشد

Хушо гардӣ ки аз дунболи гирди он шаҳсавор ояд

نکشد همچو تو دلخواه، مگر ماه کشد

Баҳори мардум он бошад ки сарву гул ба бор ояд

تن من کاهی و بار غم تو کوهی، چون

Баҳори ошиқони кони сарви қад глъзор ояд

بار چون کوه کسی با تن چون کاه کشد

Ба болин ман омад ёр ва рафт ва барнаёмад ҷон

تا به کی ای مه بی مهر ز هجرت شب و روز

Наомад чун ба кор ӯ зи ҷони зини пас чаҳ кор ояд

چشم من اشک نشاند، دل من آه کشد

Наомад ёри дӯш ва ғайр омад бахти онам кӯ

هفته ی هجر تو ای ماه نماید سالی

Ки имшаб бар хилоф дӯш ноед ғайр ва ёр ояд

آه ای ماه اگر هجر تو یک ماه کشد

Гулат аз ҳам шигифти айёми никўӣии ғанимати дон

محتسب گوید اگر می نکشم در همه عمر

На он боғӣаст ин каз пай хазонашро баҳор ояд

مشنو از وی که اگر گه نکشد گاه کشد

Чаҳ ҳоласт инки ҳар гуҳи ман рӯми навмеди баргардам

ای خوش آن بزم که از اول شب تا دم صبح

Бкўии онкии доими муддаӣ умедвор ояд

با تو من می کشم و غیر ز من آه کشد

Наомад чун рафиқ эй сарви глрхи хўшнўои мурғӣ

جز ز دست تو بت حور لقا گرچه رفیق

Дарин гулшан агар қамарии саду булбул ҳазор ояд

از کف حور کشد باده به اکراه کشد