На рӯй гул чу рӯй дили орой дилбар аст
ز خلق تا اثر و از جهان نشانی هست
На қади сарв чу қади раъноӣ дилбар аст
ز حسن و عشق حدیثی و داستانی هست
Ъушрат дар он сараст ки дилбар буд дар он
ز داغ درد توام تا به جسم جانی هست
Давлат бар он сараст ки бар пой дилбар аст
دل پر آتش و چشمان خون فشانی هست
Савдои дилбар аз сари ман кӣ равад чунин
به جز نیاز نباشد نماز پیران را
Кандар дилам ҳамеша таманноӣ дилбар аст
به کشوری که چو تو نازنین جوانی هست
То ҷой дилбараст дилам хуррамасту шод
جدا ز شاخ گل خود دلم برد حسرت
эй шоди он дилӣ ки дар он ҷой дилбар аст
به طایری که به شاخیش آشیانی هست
Дар хулд агар равад накушояд ба ҳури чашм
کسی که دل به دلارام و جان به جانان داد
Онро ки дидаи маҳви тамошоӣ дилбар аст
کجاش فکر دلی، کی خیال جانی هست
Бас кӯтаҳаст ҷома ӣ хӯбӣ ба қади сарв
به روی و کوی تو شادم چنان که پندارم
Ин хуби ҷомаи рост ба болой дилбар аст
به غیر از این نه گلی و نه گلستانی هست
Аз ҷоми дигарон май ъушрати мҷуи рафиқ
بود حیات ابد روز وصل یار رفیق
Кин бода ӣ нишот ба миноӣ дилбар аст
جز این نباشد اگر عمر جاودانی هست