Чунонам бонги неи оташ бар ҷон зад
چنانم بانگ نی آتش بر جان زد
Ки гӯйии каси оташ бар Нитсаатон зад
که گویی کس آتش بر نیستان زد
Маро дар дили умрии сӯзи ғами пинҳон буд
مرا در دل عمری سوز غم پنهان بود
Навой неи имшаб бар он домон зад
نوای نی امشب بر آن دامان زد
Неи маҳзуни доғи маро , тозатар аз лола кунад
نی محزون داغ مرا، تازه تر از لاله کند
зи ҷудоиҳо , чу шикоят кунад ва нола кунад
ز جدایی ها، چو شکایت کند و ناله کند
Ки ба ҷонаши оташ , ҳиҷр ёрон зад
که به جانش آتش، هجر یاران زد
Ба куҷое эй гули ман ?
به کجایی ای گل من؟
Ки ҳамчу не бинолад зи ғамати дили ман
که همچو نی بنالد ز غمت دل من
Ҷузи нола дил набӯд
جز ناله دل نبود
Дар ишқати ҳосили ман
در عشقت حاصل من
Гузарӣ , ба серум , назарӣ бар чашми терм
گذری، به سرم، نظری بر چشم ترم
Каз ғами ту қалби раҳе хӯн шуд ва аз дида бурун шуд
کز غم تو قلب رهی خون شد و از دیده برون شد
Навой не гуяд :
نوای نی گوید:
Каз ишқат чун шуд
کز عشقت چون شد