Шавад оё ки насими баҳорӣ

شود آیا که نسیم بهاری

Гуяд он хирмани гулро зи ёрӣ ?

گوید آن خرمن گل را ز یاری؟

Дили девона аз каф бурун шуд

دل دیوانه از کف برون شد

Хабар аз ҳоли дили ман чаҳ дорӣ ?

خبر از حال دل من چه داری؟

Дорам шабӣ , чун мӯии ту , бе рӯй ту эй гул

دارم شبی، چون موی تو، بی روی تو ای گل

Карда парешонами парешони мӯии ту эй гул

کرده پریشانم پریشان موی تو ای گل

Рӯзӣ ки додам ҷону дил дар роҳи ту аз каф дардо набудам бохабар аз хуии ту эй гул

روزی که دادم جان و دل در راه تو از کف دردا نبودم باخبر از خوی تو ای گل

Охир раво нест эй ёри ҷонӣ

آخر روا نیست ای یار جانی

Бо меҳрбонони номеҳрбонӣ

با مهربانان نامهربانی

Як шаб аз ҳасрати рӯяти нхФтм

یک شب از حسرت رویت نخفتم

Оташи ишқи ту дар дил наҳафтум

آتش عشق تو در دل نهفتم

Гарчи тарки ман мискин бигуфтӣ

گرچه ترک من مسکین بگفتی

Мардуму рози ту бо кас нагуфтам

مردم و راز تو با کس نگفتم

То кӣ итобу саркашӣ эй ма кунӣ бо ман

تا کی عتاب و سرکشی ای مه کنی با من

То кӣ зи дасти ман кашӣ эй тозаи гули доман

تا کی ز دست من کشی ای تازه گل دامن

Гуфтӣ нмидонди раҳе , расми вафодории ту бевафое эй бути паймони шикан , ё ман

گفتی نمیداند رهی، رسم وفاداری تو بی وفایی ای بت پیمان شکن، یا من

Охир раво нест эй ёри ҷонӣ

آخر روا نیست ای یار جانی

Бо меҳрбонони номеҳрбонӣ

با مهربانان نامهربانی