Дидӣ ки расво шуд дилам

دیدی که رسوا شد دلم

Ғарқ таманно шуд дилам

غرق تمنا شد دلم

Дидӣ ки ман бо ин дил беорзӯ ошиқ шудам

دیدی که من با این دل بی آرزو عاشق شدم

Бо он ҳамаи озодагӣ , бар зулф ӯ ошиқ шудам

با آن همه آزادگی، بر زلف او عاشق شدم

эй вой агар сайёди ман

ای وای اگر صیاد من

Ғофил шавад аз ёди ман

غافل شود از یاد من

Қадарам надонад

قدرم نداند

Фарёд агар , аз кӯии худ

فریاد اگر، از کوی خود

Вази риштаи гесуии худ

وز رشته گیسوی خود

Бозам раҳанд .

بازم رهاند.

Дидӣ ки расво шуд дилам

دیدی که رسوا شد دلم

Ғарқ таманно шуд дилам

غرق تمنا شد دلم

Дар пеш бедардон чаро ? фарёд беҳосил кунам

در پیش بی دردان چرا؟ فریاد بی حاصل کنم

Гар шиква Эй дорам зи дил бо ёри соҳиб дил кунам

گر شکوه ای دارم ز دل با یار صاحب دل کنم

Вой ба дардӣ ки дармон надорад

وای به دردی که درمان ندارد

Фитодам ба роҳӣ ки поён надорад

فتادم به راهی که پایان ندارد

Аз гул шунидам буи ӯ , мастона рафтам сӯй ӯ

از گل شنیدم بوی او، مستانه رفتم سوی او

То чун ғубори кӯй ӯ , дар кӯии ҷон манзил кунам

تا چون غبار کوی او، در کوی جان منزل کنم

Вой , ба дардӣ ки дармон надорад

وای ز دردی که درمان ندارد!

Фитодам ба роҳӣ ки поён надорад

فتادم به راهی که پایان ندارد

Дидӣ ки расво шуд дилам

دیدی که رسوا شد دلم

Ғарқ таманно шуд дилам

غرق تمنا شد دلم

Дидӣ ки дар гирдоби ғам , аз фитнаи гардуни раҳе

دیدی که در گرداب غم، از فتنه گردون، رهی!

Афтодаму саргашта чун амвоҷ дарё шуд дилам

افتادم و سرگشته چون امواج دریا شد دلم

Дидӣ ки расво шуд дилам

دیدی که رسوا شد دلم

Ғарқ таманно шуд дилам

غرق تمنا شد دلم