эй Пушкин дуруд фиристам туро дуруд
ای پوشکین درود فرستم تو را درود
Вази аҳли дили паёми расонами туро паём
وز اهل دل پیام رسانم تو را پیام
Осори ту хуҷаста буд эй хуҷастаи мард
آثار تو خجسته بود ای خجستهمرد
Ашъори ту сутӯда буд эй сутӯдаи ном
اشعار تو ستوده بود ای ستودهنام
Бастии миён ба хизмати мардум , з рӯй меҳр
بستی میان به خدمت مردم، ز روی مهر
Зон рӯ ки лавҳи синаи ?ут аз кӣнаи пок буд
زان رو که لوح سینهات از کینه پاک بود
Афсонаи ?ут чу нағмаи шодии умедбахш
افسانهات چو نغمه شادی امیدبخش
Андешаи ?ут чу меҳри фалаки тобнок буд
اندیشهات چو مهر فلک تابناک بود
Гуфтӣ сухани зи саъдии осори вай аз онк
گفتی سخن ز سعدی آثار وی از آنک
Гавҳаршинос буд , дили тобноки ту
گوهرشناس بود، دل تابناک تو
Винки зи маҳди назми вази иқлӣми шоирон
وینک ز مهد نظم وز اقلیم شاعران
Омад раҳе , ки лола фишонд ба хоки ту
آمد رهی، که لاله فشاند به خاک تو
Ҳастӣ миёни мо зи ҳунарҳои худ падед
هستی میان ما ز هنرهای خود پدید
Гар зоҳиран падед нае дар миёни мо
گر ظاهرا پدید نهای در میان ما
Номи ту ҷовдон буд эй шоири бузург
نام تو جاودان بود ای شاعر بزرگ
Чунон ки номи саъдии ширини забони мо
چونان که نام سعدی شیرینزبان ما
Озодаи хуй будӣу озоди зистӣ
آزادهخوی بودی و آزاد زیستی
Ҷони бохтӣ ки брФкнии расми бандагӣ
جان باختی که برفکنی رسم بندگی
Мардӣ , валек номи шарифи ту зинда монад
مردی، ولیک نام شریف تو زنده ماند
Мурдан ба роҳи халқ буд шарти зиндагӣ
مردن به راه خلق بود شرط زندگی
Гуфтӣ сухани зи саъдӣу шаҳру диёр ӯ
گفتی سخن ز سعدی و شهر و دیار او
Бо онкии давр буд зи шаҳру диёри ту
با آنکه دور بود ز شهر و دیار تو
Винки раҳеи зи ҷониби саъдии порсӣ
وینک رهی ز جانب سعدی پارسی
Афшон кунад шукуфау гул бар мазори ту
افشان کند شکوفه و گل بر مزار تو